अब खेल के समय पर सवाल

एमएस गिल
Image caption इससे पहले खेल के तारीख़ों पर गिल ने कुछ नहीं कहा था

राष्ट्रमंडल खेलों पर विवाद और मुसीबतों का साया लगातार बना रहा है. इनदिनों इंद्रदेवता आयोजकों को परेशान करने में लगे हैं.

दिल्ली में इस बार अगस्त में अच्छी बारिश हुई है और सितंबर में भी बारिश का सिलसिल जारी है.

राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान भी बारिश होने का पूर्वानुमान दिया जा चुका है. अब तो खेल मंत्री ये तक सवाल उठा रहे हैं कि जब अक्तूबर के शुरु में बारिश होने का रुझान रहा है तो क्या इस दौरान खेल होने चाहिए थे.

ज़ाहिर है खेल मंत्री बारिश के रुझान पर नज़रें गड़ाए हुए हैं.

उनका कहना है, “मैं पहले ही कह चुका हूँ कि चुनाव, खेल और शादी इन तीनों के लिए उपयुक्त समय नवंबर होता है. चुनावों के बारे में मैं थोड़ा बहुत जानता हूँ, शादी भले मेरी काफ़ी पहले हुई थी लेकिन अनुभव यही कहता है. अगर राष्ट्रमंडल खेल 15 अक्तूबर के बाद होते तो बारिश की आशंका कम रहती. अक्तूबर में खेल लिए गए या हमें लेने पड़े पता नहीं.. लेकिन हम बंदोबस्त करवा रहे हैं. जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में मैं गया था, वहाँ ट्रैक को पूरा ढँका हुआ है. बारिश तो लगातार हो रही है उम्मीद है कि कुछ दिनों में हालात बेहतर होंगे.”

खेल मंत्री ने बताया कि कुछ समय पहले सरकार ने राष्ट्रमंडल खेलों के कामकाज की निगरानी के लिए जो समिति बनाई थी उससे काफ़ी मदद मिल रही है.

गुरुवार को कैबिनेट की बैठक हुई थी जहाँ खेल मंत्री ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी के बाने में जानकारी थी.

एमएस गिल का कहना है कि स्टेडियम तैयार हैं जबकि खेल गाँव का अभी काम चल रहा है.

उन्होंने बताया, "कैबिनेट मे मैंने स्थिति का ब्यौर दिया. दिन भर मैं स्टेडियमों में था. नेहरू स्टेडियम में एरोस्टेट लग चुका है, चेकिंग हो चुकी है. तैराकी वाले स्टेडियम में स्कोरबोर्ड लगा रहा है, भारतीय टीम अभ्यास भी कर रही है. स्टेडियम तैयार है. रही बात खेल गाँव की तो लेफ़्टिनेंट गवर्नर रोज़ जाते हैं और वे समय से तैयारी पूरी कर लेंगे."

खेल मंत्री के बयान से साफ़ है कि खेल गाँव जहाँ खिलाड़ियों का जमावड़ा होगा, वहाँ कामकाज पूरा हुआ नहीं है जबकि 23 दिन ही बाक़ी हैं. और जो काम हो चुका है वो वो बना बनाया काम बारिश बिगाड़ सकती है.

संबंधित समाचार