हार गई बोपन्ना-कुरैशी की जोड़ी

Image caption भारत और पाकिस्तान दोनों ही के खेलप्रेमी इस जोड़ी के लिए दुआ कर रहे थे.

भारत के रोहन बोपन्ना और पाकिस्तान के ऐसामुल हक़ कुरैशी की जोड़ी यूएस ओपन के पुरूषों के फ़ाइनल में हार गई है.

बोपन्ना और कुरैशी का मुक़ाबला शीर्ष वरीयता प्राप्त अमरीका के बॉब ब्रायन और माइक ब्रायन की जोड़ी से था.

अमरीकी जोड़ी ने भारत-पाक की जोड़ी को 7-6, 7-6 से हराकर ट्रॉफ़ी पर क़ब्ज़ा कर लिया.

ऐसा बहुत कम होता है कि भारत और पाकिस्तान के दर्शक एक ही टीम के समर्थन में नज़र आएं.

लेकिन इस जोड़ी के लिए दोनों ही देशों के खेलप्रेमी दुआ कर रहे थे.

भारत-पाक एक्सप्रेस

संयुक्त राष्ट्र में एक दूसरे पर निशाना साधने वाले भारतीय राजदूत हरदीप सिंह पुरी और पाकिस्तान के अब्दुल्ला हुसैन हारून मैच के दौरान एक साथ बैठे हुए थे और बोपन्ना-कुरैशी की जोड़ी का उत्साह बढ़ा रहे थे.

खेल के बाद कुरैशी के लिए पूरी दर्शक दीर्घा ने खड़े होकर तालियां बजाईं जब उन्होंने अमरीका और पाकिस्तानियों के बीच जो मज़हबी खाई बनी है उसे पाटने की कोशिश की.

उनका कहना था, "पाकिस्तान को एक आतंकवादी देश के तौर पर देखना एक ग़लत सोच है. हम एक शांतिप्रिय देश हैं और हम भी उतनी ही शांति चाहते हैं जितनी आप लोग."

उन्होंने कहा कि भारत-पाक एक्सप्रेस अबतक बहुत अच्छे से दौड़ रही थी लेकिन इन दोनों खिलाड़ियों ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से हमें रोक दिया.

बोपन्ना के माता-पिता भारत से ये मैच देखने आए थे.

बोपन्ना का कहना था, "हमारा खेल अबतक काफ़ी अच्छा रहा. मैं खुशकिस्मत हूं कि ऐसाम मेरे साथ खेल रहे हैं."

जीतने के बाद अमरीकी जोड़ी के बॉब ब्रायन का कहना था,"इन दोनों ने अद्भुत खेल दिखाया. हमें इनकी ताक़त से जूझने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी."

पिछले महीने वाशिंगटन में हुए मुक़ाबले में बोपन्ना और कुरैशी की जोड़ी ने शीर्ष वरीयता प्राप्त ब्रायन जोड़ी को हराया था और फ़ाइनल में भारत और पाकिस्तान में इनसे काफ़ी उम्मीदें की जा रही थीं.

अब तक हुए मैचों के बाद अक्सर ऐसा माहौल पैदा हुआ जिसमें पाकिस्तानी दर्शक रोहन बोपन्ना का ऑटोग्राफ़ लेते नज़र आए तो भारतीय कुरैशी के पीछे भागते दिखे.

इस जोड़ी ने सेमी फ़ाइनल में आर्जेंटीनी के एडुआर्डो श्वैक और होरेशियो ज़ाबालोस को 7-6, 6-4 से हराया था.

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