मिलजुल कर होगी औपचारिक घोषणा

  • 28 सितंबर 2010

राष्ट्रमंडल खेल फ़ेडरेशन ने कहा है कि खेलों के उदघाटन समारोह में भारत की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स दोनों की भूमिका रहेगी.

फ़ेडरेशन की विज्ञप्ति के मुताबिक प्रिंस चार्ल्स क्वींस बैटन का स्वागत करेंगे और मशाल लेने के बाद वे महारानी एलिज़ाबेथ का संदेश पढ़ेंगे जिसका अंत खेलों के उदघाटन की घोषणा से होगा.

फिर भारत की राष्ट्रपति अपना भाषण देंगी और खेल शुरु होने का संदेश देंगी.

राष्ट्रमंडल खेल फ़ेडरेशन के अध्यक्ष माइकल फ़ेनेल ने ये भी घोषणा की है कि खेलों के इतिहास में पहली बार जब खिलाड़ी मार्च करते हुए स्टेडियम में आएँगे तो इसके बाद उन्हें स्टेडियम में ही बिठाया जाएगा.

फ़ेनेल ने कहा, हम लोग इस बात पर सहमत हैं कि उदघाटन समारोह का सारा ज़ोर खिलाड़ियों पर होना चाहिए. ये खेल खिलाड़ियों के लिए है. इसके ये उचित है कि खिलाड़ियों का सम्मान किया जाए.

तीन अक्तूबर को होने वाले उदघाटन समारोह में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, माइकल फ़ेनेल, सुरेश कलमाड़ी भी मौजूद रहेंगे.

क्वींस बैटन तीन अक्तूबर को 20.26 मिनट पर 170000 किलोमीटर का सफ़र तय करेगी पहुँचेगी. पारंपरिक तौर पर चलन ये रहा है कि राष्ट्रमंडल की प्रमुख होने के नाते ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ खेलों का उदघाटन करती हैं. लेकिन उन्होंने मई में ही बता दिया था कि वे भारत नहीं आ पाएँगी और महारानी की जगह उनके बेटे प्रिंस चार्ल्स आएँगे.

इसी को देखते हुए अब बहस इस बात को लेकर चल रही है कि आख़िर औपचारिक उदघाटन कौन करे. लेकिन अब रास्ता निकाल लिया गया है.

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