उद्घाटन समारोह की झलिकयाँ बीबीसी के साथ

भारत के खेल मंत्री एमएस गिल की मानें तो दिल्ली राष्ट्रमंडल का आयोजन शादी की तैयारियों की तरह है और नेहरू स्टेडियम वो स्थल है जहाँ बारात का स्वागत होगा.

खेलों से चार दिन पहले जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम का दौरा करके वाकई ऐसा महसूस हुआ जैसे कोई बड़ा उत्सव होने वाला और हर कोई अंतिम तैयारियों में जुटा हुआ है.स्टेडियम में प्रवेश करते ही जो चीज़ आपको हर ओर नज़र आएगी वो है सुरक्षाबलों की मौजूदगी. क्या पुलिस और क्या सीएरपीएफ़ पूरे स्टेडियम पर मानो उनका कब्ज़ा हो चुका है.

इसी सब के बीच मुख्य उद्घाटन समारोह की तैयारियाँ ज़ोरों पर चल रही हैं. समारोह का मुख्य आकर्षण है करोड़ों की कीमत वाला हीलियम से भरा बड़ा सा गुब्बारा.पिछली बार जब हमने नेहरू स्टेडियम का दौरा किया था तो इस गुब्बारे को ऊँचाई पर स्थापित करने की जद्दोजहद चल रही थी लेकिन अब ये स्टेडियम की छत्त की ऊँचाई तक पूरी तरह स्थापित हो चुका है.

समारोह का एक और आकर्षण है बेसमेंट में बनी विशेष सुरंग जहाँ से कलाकार मैदान के बीचों बीच मंच पर उतरेंगे.मैदान की चारों ओर बड़े-बड़े नगाड़े रखे गए हैं. पूछने पर बताया गया कि एक नगाड़े का वज़न कम से कम 25 किलोग्राम है.

भारतीय खेल प्राधिकरण के अधिकारी एचएस कींगरा ने बीबीसी को बताया, नेहरू स्टेडियम बिल्कुल तैयार है. बहुत शानदार समारोह होगा. उदघाटन समारोह के बाद स्टेडियम को एथलेक्टिस समारोह के लिए तैयार किया जाएगा इसके लिए हमारे पास 60 घंटे होंगे. एथलेटिक्स के मुकाबले छह को होंगे. उदघाटन समारोह के बाद समारोह स्थल पर घास लगाया जाएगा.

हिंदुस्तान की झलक

उदघाटन समारोह के दिन 45 मिनट का सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया जाएगा जिसमें सांस्कृतिक पेशकश के अलावा हिंदुस्तान की झलकी देखने को मिलेगी. स्टेडियम में हमें रंगबिरंगी वस्तुओं से बनी हस्तशिल्प कला का बेहतरीन नमूना देखने को मिला.

एक भारतीय की रोज़मर्रा की जिंदगी में शामिल चीज़ें भी इसका हिस्सा हैं.इस हिंदुस्तानी झलकी में बॉलीवुड की झलक न हो ऐसा हो ही नहीं सकता. दिलीप कुमार से लेकर अमिताभ बच्चन और शाहरुख़ खान तक के बड़े-बड़े कटआउट तैयार किए गए हैं. प्यासा, लगान, मदर इंडिया सब क्लासिक फ़िल्मों के पोस्टर हैं. हर कोई उनके पास फ़ोटो खिंचवाता नज़र आया.

स्टेडियम में हमारी मुलाका़त महाराष्ट्र के गाँवों से आए कुछ कलाकारों से भी हुई जो रिहर्सल के लिए आए थे. उन्होंने अपना कला का छोटा सा नमूना भी दिया.

स्टेडियम में हर ओर भागमभाग का माहौल है. साउंड इंजीनियर साउंड टेस्ट कर रहा है, पुलिस अधिकारी ड्रेस डिज़ाइनरों की टीम अपने काम में लगी है...उससे भी ज़्यादा मसरूफ़ लगे उस विभाग के लोग जो कर्मचारियों को खाने-पीने का सामान देते हैं. और साफ़ सफ़ाई कर्मचारी तो जैसे सबसे ज़्यादा व्यस्त हैं....

हो भी क्यों न...खेल मंत्री के शब्दों में कहें तो शादी की बारात आने वाली है और स्वागत स्थल शानदार होना ही चाहिए.

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