पदक के लिए जान लगा दूँगी: सानिया

  • 30 सितंबर 2010
सानिया मिर्ज़ा
Image caption सानिया मिर्ज़ा कहती हैं कि उनके लिए राष्ट्रमंडल खेल बहुत अहम हैं.

भारत की महिला टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्ज़ा ने दुनिया भर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया हैं. लेकिन उनके लिए राष्ट्रमंडल खेल सबसे ऊपर हैं.

सानिया मिर्ज़ा कहती हैं, “ मेरे लिए राष्ट्रमंडल खेल बहुत अहम हैं. पिछले साल जब मैं चोटिल थी, मैं तब से कह रही हूं कि मैं कितनी भी चोटिल क्यों न हूं, मैं राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों के लिए तैयारी करूंगी. एक तो राष्ट्रमंडल खेल और एशियन गेम्स बहुत दिनों के बाद आते हैं. साथ ही इस बार राष्ट्रमंडल खेल भारत में हो रहे हैं और टेनिस को पहली बार इनमें शामिल किया गया है, इसलिए मेरे लिए ये सबसे ऊपर हैं.”

बीबीसी के साथ एक ख़ास बातचीत में सानिया ने कहा, “मैं लंबे समय के बाद भारत में खेलूंगी, इसलिए बहुत उत्साह है साथ ही थोड़ी घबराहट भी है. लेकिन कोई भी अच्छी चीज़ होने से पहले आपको थोड़ी घबराहट तो होनी ही चाहिए.”

इन खेलों में टेनिस को पहली बार शामिल किया गया है. सानिया मिर्ज़ा महिला एकल, युगल और मिश्रित युगल, इन सभी वर्गों में खेलेंगी. सानिया मिर्ज़ा और लिएंडर पेस की जोड़ी ने 2006 में दोहा एशियन गेम्स में मिश्रित युगल का स्वर्ण पदक जीता था.

वो कहती हैं, “आठ-नौ दिन में मैं तीन वर्गों में खेलूंगी जो बहुत थकान भरा होगा. लेकिन ये मौका हमें नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि ये ज़्यादा से ज़्यादा पदक जीतने का भी मौका होगा.”

सानिया का मानना है कि जब आप अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हैं तो ज़िम्मेदारी का एहसास और देशभक्ति की भावना ज़्यादा होती है. वो कहती हैं, “देश के लिए पदक जीतने के लिए आप अपनी जान लगा देते हैं. कम-से-कम मेरे साथ तो ऐसा ही होता है जब मैं भारत के लिए खेलती हूं.”

इन खेलों में लिएंडर पेस और महेश भूपति की जोड़ी भी एक बार फिर साथ-साथ नज़र आएगी. सानिया कहती हैं, “लिएंडर और महेश के आपसी मतभेद कुछ भी हों, ये बहुत अच्छी बात हैं कि वो दोनों एक साथ खेल रहे हैं और ज़ाहिर है कि वो भारत के लिए पदक के सबसे प्रबल दावेदारों में हैं.”

क्या भारत जैसे देश में राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन होना चाहिए था ? इस बहस के बारे में सानिया कहती हैं, “भारत में सब क्रिकेट के बारे में जानते हैं लेकिन इन खेलों का क्रिकेट से कुछ लेना-देना नहीं है. इसलिए ये अच्छी बात है कि राष्ट्रमंडल खेल भारत में हो रहे हैं''.इससे पहले लोगों को इन खेलों के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं थी लेकिन अब उनकी जानकारी पहले से बेहतर हो गई है.''

खेलों से जुड़े विवादों के बारे में वो कहती हैं, “एक भारतीय खिलाड़ी होने के नाते मुझे गर्व है कि राष्ट्रमंडल खेल भारत में हो रहे हैं. आप हर चीज़ में नुक्स निकाल सकते हैं लेकिन मेरा काम खेलना और पदक जीतने की कोशिश करना है. हम भारतीयों को गर्व होना चाहिए कि हमारे देश में राष्ट्रमंडल जैसे बड़े खेलों का आयोजन करने की क्षमता है जो कि आसान नहीं है. आप एक घर भी बनाते हैं तो उसमें भी दिक्कते आती हैं, यहां तो खेल गांव की बात हो रही है.''

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