भारत ने मुझे निराश किया: फ़ेनेल

राष्ट्रमंडल खेल फ़ेडरेशन के अध्यक्ष माइक फ़ेनेल ने बीबीसी के साथ एक ख़ास बातचीत में साफ़ किया है कि वे अब भी राष्ट्रमंडल आयोजन समिति के इंतज़ामों से संतुष्ट नहीं है.

उन्होंने कहा कि अभी तक काम बचा हुआ है. लेकिन उन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की है कि आखिरकार सब कुछ ठीकठाक हो जाएगा और सारे काम खेल शुरू होने से पहले पूरे हो जाएँगे.

फ़ेनेल ने इस तथ्य पर ज़ोर देते हुए कहा कि भारत राष्ट्रमंडल जैसे बड़े खेलों का आयोजन पहली बार कर रहा है और इसके इंतज़ाम में बड़ी संख्या में स्वयं सेवकों की सेवाएं ली जा रही हैं.

उनका कहना था कि ये स्वंय सेवक पहली बार इतने बड़े आयोजन के प्रबन्ध के काम में लगे हैं, इसलिए खेलों के इंतज़ाम में ज़्यादा समय लग रहा है.

'भारत को मेज़बानी देना ग़लत नहीं'

फ़ेनेल ने स्वीकार किया कि खेलों के इंतज़ामों में कमियों की वजह से उन्हें अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने सवालों का सामना करना पड़ा है और भारत ने उन्हें निराश किया है.

फेनेल दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल गाँव की ख़राब हालत से भी काफ़ी परेशान लगे. पर उन्हें उम्मीद है कि जिस तरह पिछले कुछ दिनों में सब कुछ जल्दी -जल्दी ठीक किया जा रहा है उसे देखते हुए आखिरकार सब कुछ ठीक हो ही जाएगा.

फ़ेनेल से पूछा गया कि क्या उनके हिसाब से भारत में राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन को क्या वह एक गलती मानते हैं.

इस पर उनका कहना था, “बिलकुल नहीं, भारत राष्ट्रमंडल समूह का सबसे बड़ा देश है. परन्तु भारत को अभी ऐसे बड़े खेलों के आयोजन के बारे में बहुत कुछ सीखना है.”

फ़ेनेल की राय में यह ज़रुरी नहीं कि आप हर बार राष्ट्रमंडल खेल ऐसी जगह कराएं जहाँ पूरी तरह चमक- दमक, चकाचौंध और रौनक हो बल्कि ऐसे देशों में भी खेल कराने चाहिए जिनके पास इनकी मेज़बानी की क्षमता है. उन्होंने कहा कि भारत के पास वह क्षमता है .

फ़ेनेल का मत है कि अभी तक जो कुछ भी गलत होना था वह हो चुका है, अब आगे सब कुछ ठीक ही होगा.

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