राष्ट्रमंडल खेलों के उदघाटन से पहले कड़ी सुरक्षा

राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, प्रिंस चार्ल्स

राष्ट्रमंडल खेलों के बहुप्रतीक्षित उदघाटन समारोह की शुरुआत रविवार शाम को जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में होगी.

इस दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. सुरक्षा के कारण दुकानें और कारोबार बंद रखने का निर्देश दिया गया है.

लगभग एक लाख सुरक्षाबलों को दिल्ली में तैनात किया गया है और सुरक्षा के कारण दुकानें और कारोबार बंद रखने का निर्देश दिया गया है.

चरमपंथी हमले की आशंका के मद्देनज़र लगभग 80 हज़ार पुलिसकर्मियों के अलावा 17 हज़ार अर्धसैनिक बल के जवानों को भी तैनात किया गया है. इस दौरान लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर भी सतर्क रहेंगे.

दिल्ली के पुलिस आयुक्त वाईएस डडवाल का कहना था,'' सुरक्षा व्यवस्था एकदम चुस्त दुरस्त है. दिल्ली का हर पुलिसकर्मी चौबीसों घंटे सुरक्षा के लिए मुस्तैद है. इनमें से अधिकांश पुलिस थानों में ही सो रहे हैं.''

लगभग तीन घंटे तक चलने वाले इस समारोह में भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को पेश करेगा. दुनियाभर में टीवी पर इसका सीधा प्रसारण किया जाएगा.

भारत की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील और ब्रिटेन के राजकुमार चार्ल्स तीन से 14 अक्टूबर तक चलने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की शुरुआत की आधिकारिक घोषणा करेंगे.

ऐसा पहली बार हो रहा है कि दो लोग इस समारोह की शुरुआत करेंगे.

भारत के लिए अहम

Image caption विभिन्न देशों के लगभग छह हज़ार खिलाड़ी खेलों में हिस्सा लेंगे

वर्ष 1982 में संपन्न एशियाई खेलों के बाद ये भारत में अब तक के सबसे बड़े खेल आयोजन हैं.

खेलों के लिए स्टेडियम तैयार हो चुके हैं और विभिन्न देशों के लगभग छह हज़ार से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा लेने के लिए तैयार हैं.

हालांकि कुछ दिन पहले कई देशों ने खेल गाँव में सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए थे.

साथ ही सुरक्षा पर सवाल उठे, विदेशी खिलाड़ियों ने नाम वापस लिए और तो और आस्ट्रेलिया की ओर से भारत को मेजबानी दिए जाने पर सवाल उठाया गया. लेकिन अब लग रहा है कि सब कुछ ठीक हो गया है.

भारत को उम्मीद

Image caption राष्ट्रमंडल खेलों की सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं

भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2002 में मैनचेस्टर में किया था.

उसने उन खेलों में 30 स्वर्ण सहित कुल 69 पदक जीते थे. लेकिन इस बार उम्मीद की जा रही है कि वह और पदक जीत सकता है.

इन खेलों में भारत सभी 17 प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहा है और उसके 619 खिलाड़ी पदकों की दौड़ में शामिल होंगे.

भारत को सबसे ज्यादा उम्मीद निशानेबाजी, मुक्केबाजी, कुश्ती, भारोत्तोलन, तीरंदाजी, टेनिस, टेबल टेनिस और बैडमिंटन से है.

ओलंपिक में पहले भारतीय व्यक्तिगत स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा भारतीय दल की अगुआई करेंगे.

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