ज्वाला की जय-जयकार

गगन नारंग और अभिनव बिंद्रा

निशानेबाज़ी में जब अभिनव बिंद्रा और गगन नारंग की जोड़ी ने भारत को स्वर्ण पदक दिलाया तो वहाँ मौजूद दर्शक इतने ख़ुश हुए की हर तरफ हल्ला मचने लग गया.

लेकिन ये भावुक लोग भूल गए कि दूसरे देशों के निशानेबाज़ अब भी रजत और काँस्य पदक के लिए लड़ रहे थे.

बांग्लादेश के एक निशानेबाज़ ने तो कहा कि लोगों के शोरगुल की वजह से वो विचलित हो गए और इस वजह से उनका प्रदर्शन ख़राब हुआ.

अगले दिन देखा तो मुक़ाबले की जगह पर नोटिस लगा दिए गए कि 'खेल ख़त्म होने से पहले ताली न बजाएँ'.

दर्शकों का उत्साह

भारत और पाकिस्तान के दर्शकों के लिए इन दोनों देशों के बीच मुक़ाबले से ज़्यादा दिलचस्प शायद ही कुछ और हो, फिर वो चाहे किसी भी खेल में क्यों न हो.

ऐसा ही कुछ हुआ राष्ट्रमंडल खेलों के एक बॉक्सिंग मैच में जब भारत के अखिल कुमार और पाकिस्तान के क़ादिर ख़ान एक दूसरे के ख़िलाफ मैदान में उतरे.

ज़ाहिर है घरेलू मैदान में खेल रहे भारतीय खिलाड़ियों के लिए समर्थन ज़्यादा देखने को मिल रहा है.

बॉक्सिंग के इस प्रारंभिक मुक़ाबले में अखिल कुमार का दर्शकों ने इतना उत्साह बढ़ाया कि क़ादिर ख़ान को 7-0 की ज़बरदस्त मात दी.

दरअसल जैसे-जैसे अखिल एक-एक अंक प्राप्त करते जाते थे दर्शकों का उत्साह और भी बढ़ता जाता था. स्टेडियम में अखिल के समर्थन में गूँज रहे नारों के बीच क़ादिर को समर्थकों की कमी कितनी खल रही होगी, इसका मात्र अनुमान ही लगाया जा सकता है.

मगर अखिल ने जब मुक़ाबला जीतने के बाद मीडिया से बात की तो उन्होंने मेडिकल सुविधाओं में कमी की बात उठाई और कहा कि उन्हें डॉक्टरों की उचित सुविधा नहीं मिल रही है.

परिवार नदारद

जहाँ पूरा देश भारतीय निशानेबाज़ों को पदक मिलने की ख़ुशी मना रहा है वहीं कुछ भारतीय निशानेबाज़ों के परिवार वाले ही उनकी इस ख़ुशी में शामिल नहीं हो पा रहे हैं.

यहाँ तक कि स्वर्ण पदक विजेता गगन नारंग की माँ जब कर्णी सिंह शूटिंग रेंज पहुँची तो वो बिना टिकट के थीं.

ये स्थिति देखकर इस स्टेडियम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सिफ़ारिश से उन्हें अंदर लाने में मदद की.

एक निशानेबाज़ ने मुझसे कहा कि उनके लिए पत्रकार और सुरक्षाकर्मी ही दर्शक हैं लेकिन उन्हें अफ़सोस है कि उनके परिवार वाले ही उनके इस ख़ास दिन का हिस्सा नहीं बन पा रहे हैं.

ज्वाला की जय-जयकार

भारतीय बैडमिंटन टीम जब इंग्लैंड के खिलाफ़ कोर्ट पर उतरी तो भारतीय प्रशंसकों का उत्साह देखने वाला था.

Image caption ज्वाला गुट्टा के समर्थकों की संख्या बढ़ी

साइना नेहवाल, ज्वाला गुट्टा, वी दीजू और कश्यप परुपल्ली जैसे भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों के समर्थन में पूरे स्टेडियम में लोग नारे लगा रहे थे.

ऐसे में यूँ तो पूरी भारतीय टीम के प्रति लोगों का उत्साह देखने को मिला लेकिन ऐसा लगता है कि ज्वाला गुट्टा के प्रशंसकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है.

उनके लिए दर्शकों ने ख़ूब नारे लगाए.

दर्शकों की एक टोली अपनी सीटों से उठ-उठ कर गा रही थी 'एक दो तीन चार, ज्वाला की जय-जयकार'.

यहाँ तक कि ज्वाला ख़ुद मानती हैं कि उन्हें इतने समर्थन की उम्मीद नहीं थी. उनका कहना था कि शुरुआती छोटे मुक़ाबलों में भी जनता ने इतना उत्साह दिखाया कि देखकर बहुत अच्छा लगा.

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