दिल्ली ने कहा अलविदा, अब ग्लास्गो की बारी

दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में गीत, संगीत और कला प्रदर्शन के बीच दिल्ली ने राष्ट्रमंडल खेलों को अलविदा कह दिया और ध्वज ग्लास्गो को सौंप दिया गया. 2014 का राष्ट्रमंडल खेल ग्लास्गो में होगा.

19वें राष्ट्रमंडल खेलों के समापन समारोह में ब्रिटेन के प्रिंस एडवर्ड ने महारानी एलिज़ाबेथ की ओर से खेलों के समापन की घोषणा की.

समापन समारोह में भारत के कलाकारों ने भव्य प्रस्तुतियाँ दीं और खेलों के शुभंकर शेरा को भी अलविदा कहा गया.शेरा के लिए गायक शान ने अलविदा गीत गाया. समारोह के लिए नेहरू स्टेडियम में ज़बरदस्त भीड़ जुटी.

कार्यक्रम में सुरेश कलमाड़ी ने अपना भाषण भी दिया. उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले तक लोग सवाल उठा रहे थे कि खेल होंगे भी या नहीं लेकिन ये खेल भारत के लिए चक दे पल साबित हुए हैं.

उन्होंने मनमोहन सिंह, शीला दीक्षित, राहुल गांधी और कई अधिकारियों समेत निर्माण में लगे मज़ूदरों का शुक्रिया अदा किया. लेकिन लोगों ने लगातार कलमाड़ी की हूटिंग की, ख़ासकर जब उन्होंने ललित भनोट का धन्यवाद किया.

युद्ध कौशल से लेकर लेज़र शो

उदघाटन समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण एरोस्टेट फिर से स्टेडियम में स्थापित किया गया.

कार्यक्रम की शुरुआत दक्षिण की युद्ध कला कलायरीपट्टू से हुई. दक्षिण के योद्धा, नागा और सिख योद्धाओं ने वीर रस के संगीत पर थिरकते हुए भारतीय युद्ध कला-कौशल का अद्भुत प्रदर्शन किया.

नौसेना, वायुसेना और थल सेना के बैंड ने भी प्रस्तुति दी है. सैकड़ों की संख्या में स्कूली बच्चों ने वंदे मातरम का मंचन किया.

खेलों के दौरान खिलाड़ियों और विदेशी मेहमानों की मदद करने वाले सैकड़ों वॉलयंटियरों ने भी स्टेडियम में आकर प्रस्तुति दी.

कार्यक्रम के दौरान विश्व भर से आए खिलाड़ियों की मैदान पर एथलीट परेड हुई.

भारतीय दल की अगुआई निशानेबाज़ गगन नारंग ने की. साइना नेहवाल भी दल में शामिल थीं. विदेशी खिलाड़ी थैंक यू इंडिया की तख्तियाँ लिए हुए खड़े थे. पाकिस्तानी टीम का भी लोगों ने स्वागत किया. पाकिस्तान ने दो स्वर्ण जीते हैं.

समारोह के दौरान विशेष लेज़र शो भी हुआ.रंग बिरंगी किरणों वाला ये शो काफ़ी मनमोहक था.

और इसके बाद सजी संगीत की वो शाम जिसने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया. संगीत का हर रूप, सूफ़ी, शास्त्रीय, पाश्चात्य सब सुनने को मिला.

कैलाश खेर ने अल्लाह के बंदे गाया तो ज़िला ख़ान ने दमा दम मस्त क़लंदर गाकर सबको ख़ुश कर दिया. लोक संगीत का ज़ायक़ा पेश किया ईला अरूण ने.

सुखविंदर, शंकर महादेवन, सुनिधि चौहान, शामक दावर, ऊषा उथुप, शुभा मुदगल, सब संगीत के अलग-अलग रंगों को सुरों में ढालते नज़र आए.

ड्रम पर थे शिवमणि. रहमान के गीत ओ यारो इंडिया बुला लिया के बग़ैर तो ये शाम अधूरी रहती लिहाज़ा ये गीत भी ज़ोर शोर से बजा.

इन सब के अलावा आतिशबाज़ी ने सबका मन मोह लिया.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी समारोह के लिए आए. समापन समारोह के मुख्य अतिथि श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे थे. ब्रिटेन के प्रिंस एडवर्ड और भुटान के युवराज भी ख़ास तौर पर आए.

स्टॉकलैंड के हवाले

अगले राष्ट्रमंडल खेल स्कॉटलैंड में होने है. समापन समारोह के मौक़े पर स्कॉटलैंड के लोगों ने विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जिसमें वहाँ की झलक देखने को मिली. स्कॉटलैंड के कलाकारों ने सबको ग्लास्गो आमंत्रित किया.

स्कॉटीश बैंड इसका मुख्य आकर्षण रहा. बैगपाइपर की धुन पर रंगारंग प्रस्तुति देखने को मिली.

राष्ट्रमंडल खेल संघ के अध्यक्ष माइक फ़ेनेल ने कहा कि स्कॉटलैंड को अब दिल्ली द्वारा स्थापित मानकों पर खरा उतरना होगा. उन्होंने अपने भाषण में कहा, "मैं सभी खिलाड़ियों ख़ासकर भारतीय खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन पर बधाई देता हूँ. यहाँ काम कर रहे वॉलंटियर्स की भी तारीफ़ करना चाहूँगा. सुरेश कलमाड़ी की टीम और दिल्ली के लोगों का बहुत बहुत धन्यवाद.शुरुआती मुश्किलें के बावजूद खेल अच्छे रहे."

खेल मंत्री एमएस गिल, जयपाल रेड्डी, मीरा कुमार समेत कई विशेष अतिथि कार्यक्रम में पहुँचें. समापन समारोह को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे. समारोह की सुरक्षा में हज़ारों पुलिस और अर्द्धसैनिक बल तैनात थे.

साथ ही दिल्ली के कई क्षेत्रों में आवाजाही को प्रतिबंधित कर दिया गया था. भारत के खिलाड़ियों ने खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है. भारत ने 38 स्वर्ण समेत कुल 101 पदक जीते हैं.

संबंधित समाचार