फ़ुटबॉल विश्व कप में भ्रष्टाचार की जाँच

फ़ीफा
Image caption फ़ीफा ने कहा है कि वह अपनी कार्यकारिणी के दो सदस्यों के खिलाफ़ जाँच कर रही है

फुटबॉल की नियामक संस्था फ़ीफा ने कहा है कि वह अपनी कार्यकारिणी के दो सदस्यों के खिलाफ़ इस आरोप की जाँच कर रही है कि उन्होंने 2018 और 2022 की मेज़बानी के लिए अपना वोट बेचने की कोशिश की.

ब्रितानी अखबार संडे टाइम्स के अनुसार फ़ीफ़ा की कार्यकारिणी की सदस्य नाइजीरिया के अइमोस आडमू और ताहिती के रेनाल्ड तेमारी अमरीका के पक्ष में वोट देने के लिए मोल तोल करने को तैयार थे.

अखबार के अनुसार ऐसे संकेत उन्होंने समाचारपत्र के संवाददाताओं से बातचीत के दौरान दिए.

संडे टाइम्स का कहना है कि आडमू ने कृत्रिम फ़ुटबॉल मैदानों के लिए पाँच लाख पाउंड की माँग की थी वहीं तेमारी खेल अकादमी के लिए भुगतान की बातचीत की थी.

अख़बार का कहना है कि उसने दोनों के साथ हुई बातचीत को वीडियो रिकार्ड कर लिया था.

संडे टाइम्स के अनुसार जब रिपोर्टर ने आडमू से पूछा कि निजी परियोजना के लिए धन दिए जाने से क्या उनके वोट पर असर पड़ेगा तो उन्होंने कहा, 'बिल्कुल.'

जब उनसे पूछा गया कि क्या धनराशि नाइजीरिया के खेल संघ के खाते में डाली जाए तो उनका जवाब था कि ये सीधे तौर पर उन्हें सौंपी जाए.

फ़ीफ़ा ने कहा है कि वो मेज़बानी के लिए की गई दावेदारी से संबंधित सभी पहलुओं पर गौर करने के बाद ही किसी तरह की प्रतिक्रिया व्यक्त करने की स्थिति में होगा.

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