गावस्कर को सलाहकार बनाने की कोशिश

सुनील गावस्कर
Image caption सुनील गावस्कर को कोच्चि फ़्रेंचाइज़ी अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है

इंडियन प्रीमियर लीग से हटाए जाने से बचने की कोशिश में लगी कोच्चि टीम का मालिकाना हक़ रखने वाले रॉन्देवू स्पोर्ट्स वर्ल्ड ने स्पष्ट किया है कि पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर उन लोगों के साथ बोली लगाने के समय नहीं जुड़े थे.

रॉन्देवू स्पोर्ट्स वर्ल्ड के सत्यजीत गायकवाड़ ने बीबीसी हिंदी से बात करते हुए ये ज़रूर कहा कि वे आगे चलकर गावस्कर को टीम के साथ जोड़ना चाहते हैं.

गायकवाड़ ने बताया, "बोली लगाने की प्रक्रिया में आर्थिक विशेषज्ञ शामिल थे, उसमें क्रिकेट विशेषज्ञों की कोई भूमिका नहीं थी."

गायकवाड़ का कहना था कि टीम ख़रीदना एक एक आर्थिक फ़ैसला था और उस समय तक कोई क्रिकेटर फ़्रेंचाइज़ी से नहीं जुड़ा था.

गावस्कर को टीम से जोड़े जाने के बारे में उन्होंने बताया, "गावस्कर अभी जुड़े तो नहीं हैं मगर हमने उनसे इस बारे में बात की है और उन्होंने कहा है कि वह इस बारे में सकारात्मक रूप से विचार करके सलाहकार की भूमिका में मदद करने की कोशिश करेंगे."

कोच्चि की टीम गावस्कर को क्रिकेट सलाहकार के तौर पर टीम में शामिल करना चाहती है.

और समय की माँग

दरअसल कोच्चि की टीम को इस समय भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड की ओर से नोटिस मिला हुआ है कि वो अंदरूनी मामले निबटाकर बीसीसीआई को अपने शेयर धारकों के बारे में अंतिम जानकारी दे.

बीसीसीआई ने कोच्चि को 10 अक्तूबर को 10 दिनों का समय दिया था मगर समय सीमा की समाप्ति पर कोच्चि ने बीसीसीआई को पत्र लिखकर और समय की माँग की.

इस बारे में बीसीसीआई बुधवार को आईपीएल की प्रशासकीय परिषद की एक बैठक में फ़ैसला करने वाली है.

माना जा रहा है कि ऐसे अहम मोड़ पर कोच्चि ने सुनील गावस्कर का नाम बीच में लाकर अपने नाम के साथ विश्वसनीयता जोड़ने की कोशिश की है.

गायकवाड़ ने बीबीसी को बताया, "बातचीत काफ़ी आगे बढ़ चुकी है और अगर हम लोगों को दस दिन और मिल जाते हैं तो हम सारे अंदरूनी मसले निबटा लेंगे."

यहाँ ये भी उल्लेखनीय है कि सुनील गावस्कर आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य थे और इस बार गठित हुई परिषद में वह शामिल नहीं हैं.

ऐसे में बार बार कोच्चि से ये सवाल पूछा जा रहा है कि क्या गावस्कर कोच्चि की बोली के समय से उनसे जुड़े थे क्योंकि गावस्कर आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल में रहते हुए किसी टीम की बोली से जुड़ नहीं सकते थे.

मगर गायकवाड़ ने काफ़ी ज़ोरदार तरीक़े से इस बात का खंडन किया है.

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