'ज़रुरत है हरभजन के जोड़ीदार की'

  • 27 अक्तूबर 2010
धोनी
Image caption धोनी के हिसाब से टीम विश्व कप की तैयारियों में लक्ष्य पर है

भारतीय क्रिकेट टीम के सफलतम कप्तानों में शुमार होने वाले महेंद्र सिंह धोनी का कहना है कि 2011 विश्वकप टीम का लक्ष्य है और वह इसकी तैयारी में है. हालांकि वे मानते हैं कि फ़ील्डिंग और गेंदबाजी में और सुधार की गुंजाइश है. एक कार्यक्रम के सिलसिले में मंगलवार को कोलकाता पहुंचे धोनी ने क्रिकेट, भारतीय टीम और विश्वकप की तैयारियों पर पीएम तीवारी से बातचीत की.

ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टेस्ट और इकलौते एक दिवसीय मैच में भारतीय टीम का प्रदर्शन बढ़िया रहा है. इस कामयाबी का श्रेय किसे देंगे?

इसका श्रेय पूरी टीम को है. हमने एक टीम के तौर पर बेहतर प्रदर्शन किया. पुराने और अनुभवी खिलाड़ियों का प्रदर्शन तो उम्मीदों के अनुरूप रहा ही, नए खिलाड़ियों ने भी अपने प्रदर्शन को लगातार निखारा है. इस समय पूरी टीम एक लय में खेल रही है. हम इस तालमेल को और बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे.

विश्वकप के लिए तैयारियां कैसी चल रही हैं ?

अब इसमें लगभग चार महीने का ही समय बचा है. तैयारियों के लिहाज़ से यह कम है. लेकिन उससे पहले हमें न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज़ के अलावा दक्षिण अफ्रीका जाकर वहाँ की टीम के साथ खेलना है. यह अभ्यास का बढ़िया मौका है ख़ासकर टीम के युवा खिलाड़ियों के लिए. मैं यही दुआ करता हूं कि हमारे अनुभवी खिलाड़ी इस दौरान चोटों से दूर रहें.

बहुत कम समय में ही आपका शुमार देश के सफलतम कप्तानों में होने लगा है ?

मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं जो मुझे एक अच्छी टीम मिली. क्रिकेट टीम का खेल है. टीम में कुछ महान खिलाड़ी हैं जो एक-दूसरे की सहायता करते हैं. तमाम अनुभवी खिलाड़ी उभरते खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते रहते हैं. फ़िलहाल हमारी टीम अनुभव और युवा प्रतिभा का एक अच्छा मिश्रण है.

आपकी नज़र में टीम में क्या कमियां हैं ?

कमी तो नहीं, लेकिन हम फ़ील्डिंग में और सुधार कर सकते हैं. इसके अलावा एक दिवसीय मैचों के अंतिम 10-12 ओवरों में गेंदबाजी में और पैनापन लाना ज़रूरी है. कई बार इन वजहों के चलते मैच लगभग हाथ से निकल जाते हैं. चोट की समस्या भी एक बड़ी दिक्क़त है. हरभजन हमारे मुख्य स्पिन गेंदबाज हैं. लेकिन दूसरे छोर से भी उनको समर्थन मिलना जरूरी है.

सुरेश रैना पर लगे आरोपों के बारे में आपका क्या कहना है ?

मैं पहले भी कह चुका हूं कि इनमें कोई दम नहीं है. रैना एक पेशेवर और अपने खेल के प्रति समर्पित खिलाड़ी हैं. उन पर ऐसा कोई आरोप लगाना हास्यास्पद है. मुझे उन पर पूरा भरोसा है.

आरोप है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की ओर से रैना के ख़िलाफ़ मिले आरोप को गंभीरता से नहीं लिया ?

यह तमाम बातें निराधार हैं. जब कहीं कोई बात ही नहीं है तो जांच या ऐसे आरोपों का सवाल ही कहां पैदा होता है. बोर्ड ने अपने स्तर पर सबको उचित जवाब दे दिया है. यह मुद्दा अब एक बंद अध्याय बन चुका है.

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