बाईचुंग के फ़ुटबॉल स्कूल

  • 31 अक्तूबर 2010

भारतीय फ़ुटबॉल सितारे और भारतीय फ़ुटबॉल टीम के कप्तान बाईचुंग भूटिया ने देश में फ़ुटबॉल के स्तर को उपर उठाने के लिए पुर्तगाल की फ़ुटबॉल अकादमी के साथ मिलकर भारत के छह शहरों में 'बाईचुंग भूटिया फ़ुटबॉल स्कूल' खोलने का ऐलान किया है.

इसके लिए बाईचुंग भूटिया ने पुर्तगाल की फ़ुटबॉल अकादमी 'फ़ुटबॉल बाई कार्लोस क्विरोज़' के साथ मिलकर इस योजना को मूर्त रुप दिया है.

इस योजना से बाईचुंग भूटिया को उम्मीद है कि अगले तीन साल में आठ से 17 वर्ष तक के पाँच हज़ार युवा फ़ुटबॉल खिलाड़ी उभरेंगे.

बाईचुंग ने कहा, "मैं हमेशा से ही फ़ुटबॉल को बढ़ावा देने के लिए कुछ करना चाहता था. पर मुझे ये करने के लिए सही लोग नहीं मिल रहे थे. मैंने पुर्तगाल के दौरे पर देखा कि पुर्तगाल में कैसे फ़ुटबॉल स्कूल बदलाव ला रहे है, मैं भारत में भी वही दोहराना चाहता हूँ."

'बाईचुंग भूटिया फ़ुटबॉल स्कूल' में 365 दिन के प्रशिक्षिण शिविर के अलावा अल्प अवधि के शिविर भी लगेंगे.

बाईचुंग भूटिया ने कहा कि इस योजना से कोई पेशेवर खिलाड़ी नहीं पैदा होंगे लेकिन फ़ुटबॉल को पंसद करने वाले बच्चे ज़रूर तैयार होंगे.

भूटिया ने कहा कि जो बच्चे बाद में फ़ुटबॉल को पेशेवर खेलना चाहें उनके लिए ये अच्छा अनुभव साबित होगा.

बच्चों को प्रोत्साहन

'बाईचुंग भुटिया फ़ुटबॉल स्कूल' में समाज के पिछड़े तबके के 30 फ़ीसदी बच्चों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, बाकी बच्चों से शुल्क लिया जाएगा लेकिन कितना शुल्क लिया जाएगा, इसके बारे में अभी कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है.

इस योजना के तहत पुर्तगाल से दो फ़ुटबॉल कोच दिल्ली पहुँच चुके हैं जो दिल्ली में रहकर बच्चों को फ़ुटबॉल के गुर सिखाएंगे और घरेलू कोचों को प्रशिक्षित करेंगे.

इस योजना की शुरुआत दिल्ली से की गई है और अगले तीन साल में भारत के छह शहरों- मुंबई, कोलकाता, गोवा, पुणे, बंगलौर और कोच्चि में 'बाईचुंग भूटिया फ़ुटबॉल स्कूल' खोले जाएंगे.

भूटिया ने कहा कि वो पेशेवर फ़ुटबॉल अकादमी भी खोलना चाहते हैं जिसके लिए उन्होंने पश्चिम बंगाल और सिक्किम सरकार से ज़मीन देने का अनुरोध किया है.

भूटिया को अभी तक पश्चिम बंगाल और सिक्किम सरकार से कोई जवाब नहीं मिला है.

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