ललित मोदी नहीं आएंगे भारत

ललित मोदी
Image caption ललित मोदी अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों का खंडन करते हैं

इंडियन प्रीमियर लीग के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने लंदन में कहा है कि उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब देने के लिए भारत जाने की उनकी कोई योजना नहीं है.

हालांकि उन्होंने इस बात से इनकार किया है कि वे इससे बचने के लिए छिप नहीं रहे हैं.

उन्होंने लंदन में आयोजित 'इंटरनेशनल स्पोर्ट्स इवेन्ट मैनेजमेंट कॉन्फ़्रेंस' में शिरकत की.

ललित मोदी ने दावा किया कि वर्ष 2016 तक आईपीएल दुनिया में सबसे ज़्यादा देखा जाने वाला लीग मैच हो जाएगा.

उनका कहना था कि वे चाहेंगे कि भारत ओलंपिक के आयोजन की दावेदारी करे. उन्होंने विश्वास जताया कि उनके जीते जी भारत में ओलंपिक का आयोजन ज़रुर होगा.

लेकिन आईपीएल के पूर्व प्रमुख का भविष्य इस समय संदेह के घेरे में है.

गत सितंबर में 46 वर्षीय मोदी को भारतीय क्रिकेट में किसी भी तरह की भागीदारी से अलग कर दिया गया था.

उन्होंने आईपीएल के प्रमुख के पद से हटाया गया और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के उपाध्यक्ष का पद छीन लिया गया. इसके अलावा भारत, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ़्रीका के साझा आयोजन में होने वाले चैंपिंयन्स लीग ट्वेंटी-20 के चेयरमैन के पद से भी हटा दिया गया.

सिर्फ़ क्रिकेट

मोदी पर टैक्स चोरी और काले धन को सफ़ेद करने के भी आरोप हैं. हालांकि वे इन सभी आरोपों का खंडन करते हैं.

बीसीसीआई के आरोपों के ख़िलाफ़ वे अदालतों का चक्कर लगा रहे हैं. हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है.

कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए ललित मोदी सुरक्षाकर्मियों से घिरे हुए थे.

उन्होंने कहा कि वे आईपीएल से संबंधित किसी भी सुनवाई के लिए भारत नहीं जा रहे हैं.

वैसे उन्होंने भारतीय अधिकारियों को प्रस्ताव दिया था कि वे अगर चाहें तो लंदन आकर उनसे पूछताछ कर सकते हैं और इसके लिए वे सारा ख़र्च ख़ुद ही वहन कर लेंगे, लेकिन अधिकारियों ने इस प्रस्ताव पर कोई रुचि नहीं दिखाई हैं.

निजी तौर पर ललित मोदी क्रिकेट से जुड़े रहना चाहते हैं और मानते हैं कि अमरीका क्रिकेट के लिए संभावित बड़ा बाज़ार है.

माना जाता है कि हाल के महीनों में उन्हें कई और खेलों से जुड़ने के प्रस्ताव मिले लेकिन उन्होंने सबको ठुकरा दिया.

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