संन्यास लेने पर हैदर का मन बदला?

  • 10 नवंबर 2010
ज़ुलक़रनैन हैदर
Image caption दुबई से ग़ायब होने के बाद लंदन पहुंचे हैदर ने अब संन्यास की घोषणा की है.

पाकिस्तानी विकेटकीपर ज़ुलक़रनैन हैदर को लेकर परस्पर विरोधी बातें सामने आ रही हैं. उन्होंने मंगलवार को क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की थी लेकिन अब उनके नए बयान से लगता है कि वे क्रिकेट में वापसी की इच्छा रखते हैं.

शुक्रवार को दुबई में दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ मैच में हैदर ने अपनी टीम को जीत दिलाई थी. लेकिन सोमवार को वनडे मैच से पहले वे अपने होटल से अचानक ग़ायब हो गए और लंदन पहुँच गए.

लंदन से पाकिस्तान के जीओ टीवी से बातचीत में हैदर ने कहा है कि किसी व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया था कि वो दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ मैच फ़्किस कर दें.

हैदर के मुताबिक उन्हें धमकी दी गई थी कि अगर उन्होंने सहयोग नहीं किया तो उनकी ज़िंदगी मुश्किलों से भर जाएगी.

इंटरव्यू में ज़ुलक़रनैन ने कहा कि अपने देश की इज़्ज़त नीलाम करने के बजाय वे वहाँ से भाग गए और क्रिकेट से संन्यास लेने का फ़ैसला किया.

क्या है माजरा

लेकिन इसी इंटरव्यू में उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान के लिए खेलने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं है और वे ब्रिटेन में राजनीतिक शरण लेने की भी उनकी कोई मंशा नहीं है.

उनका कहना था कि अगर पाकिस्तान सरकार उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा का भरोसा देती है तो वे पाकिस्तान आएँगे.

माना जा रहा है कि इस वक़्त वे ब्रिटेन में पर्यटक विज़ा पर है जो एक महीने में ख़त्म हो जाएगा.हैदर ने केवल एक टेस्ट मैच और चार वनडे मैच खेले हैं.

ज़ुलक़रनैन ने कहा कि वे लंदन इसलिए आए क्योंकि उन्हें यहाँ उन्हें सुरक्षित महसूस हुआ.ब्रिटेन में पाकिस्तान के राजदूत का कहना है कि हैदर ने किसी तरह की मदद का अनुरोध नहीं किया है.

पाकिस्तान में बीबीसी संवाददाता इलियास खान के मुताबिक इस पूरे किस्से ने लोगों को हैरान-परेशान कर दिया है. कुछ लोग हैदर के प्रति सहानुभूति रख रहे हैं तो कुछ उनकी मंशा पर सवाल उठा रहे हैं.

संबंधित समाचार