हॉकी में भारत की जीत

  • 15 नवंबर 2010
भारतीय टीम
Image caption एशियाड में भारतीय हॉकी टीम ने अपने पहले मैच में हांगकांग को हरा दिया.

राष्ट्रमंडल खेलों के फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया से बुरी तरह हारने वाली भारतीय हॉकी टीम उस मैच को भूलकर सोमवार को हॉन्गकॉन्ग के विरुद्ध एशियाड का पहला मैच खेलने उतरी और किसी भी समय हॉन्गकॉन्ग को मैच में ऊपर आने का मौक़ा ही नहीं दिया.

खेल शुरू होने की रेफ़री की सीटी बजते ही भारतीय दल ने विपक्षी टीम पर आक्रमण कर दिया और महज़ दूसरे मिनट में भरत ने गोल करके टीम को 1-0 से बढ़त दिला दी.

इसके बाद भी आक्रमण जारी रहे और अभी खेल के दो ही मिनट और गुज़रे थे कि भारत को पेनाल्टी कॉर्नर मिल गया.

भारतीय हॉकी टीम के पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ माने जाने वाले संदीप सिंह ने कोई ग़लती नहीं की और स्कोर 2-0 हो गया.

ज़्यादातर एशियाई मूल के खिलाड़ियों के साथ उतरी हॉन्गकॉन्ग की टीम के पास भारतीय खिलाड़ियों ने ज़्यादा समय बॉल रहने ही नहीं दी. 18वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला और संदीप सिंह के गोल के बाद स्कोर 3-0 हो गया.

इसके कुछ ही देर बाद भारतीय खिलाड़ियों ने हॉन्गकॉन्ग के गोल पर फिर धावा बोला और खेल के 22वें मिनट में सरवनजीत सिंह ने स्कोर को 4-0 तक पहुँचा दिया और यही हाफ़टाइम का स्कोर रहा.

अगले हाफ़ में एक बार फिर भारत ने खेल के शुरू में ही तेज़ खेल दिखाया और खेल के 37वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला. कप्तान राजपाल ने पास दिया और तुषार खांडेकर ने उसे गोल तक पहुँचाने में कोई ग़लती नहीं की.

इस स्कोर तक भारत के पास लगभग विजयी बढ़त हो चुकी थी मगर चार मिनट बाद ही अर्जुन हलप्पा ने शिवेंद्र सिंह से मिले पास को गोल का रास्ता दिखा दिया.

भारतीय टीम ने 10 मिनट बाद ही अच्छा मूव बनाया और शिवेंद्र सिंह ने बॉल को गोल तक पहुँचा दिया.

भारत का अगला मैच बांग्लादेश से है मगर सभी की नज़रें इसी पूल में शामिल पाकिस्तान के साथ भारत के मैच पर है.

भारत बीजिंग ओलंपिक के लिए क्वालिफ़ाई नहीं कर सका था और इस बार अगर वो एशियाड में स्वर्ण पदक जीत लेता है तो उसे बतौर एशियाई चैंपियन ओलंपिक में सीधे प्रवेश मिल जाएगा मगर पाकिस्तान, जापान, मलेशिया और दक्षिण कोरिया जैसी टीमों की चुनौती उसके सामने होगी.

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