तैराकी-जिम्नास्टिक्स में पदक

  • 16 नवंबर 2010
वीरधवल खाड़े

भारत को मंगलवार को कुल चार काँस्य पदक जीते हैं.एशियाड में स्विमिंग पूल के किनारे 24 साल बाद भारतीय तिरंगा ऊपर चढ़ा जब भारत के वीरधवल खाड़े ने भारत के लिए काँस्य पदक जीता.

पुरुषों की 50 मीटर बटरफ़्लाई स्पर्द्धा में खाड़े ने 24.31 सेकेंड के साथ ये पदक जीता.इससे पहले 1986 के सोल एशियाई खेलों में खजान सिंह ने 200 मीटर बटरफ़्लाई में भारत के लिए रजत पदक जीता था.

वैसे सोमवार को भी खाड़े बहुत ही मामूली अंतर से 50 मीटर फ़्रीस्टाइल स्पर्द्धा में मेडल जीतने से चूक गए थे.

मगर मंगलवार की सुबह खाड़े ने शुरुआती मुक़ाबला 24.56 के साथ जीतकर फ़ाइनल में जगह बनाई. इसके बाद फ़ाइनल में खाड़े ने प्रदर्शन सुधारा और भारत के लिए काँस्य जीत लिया.

स्वर्ण झू जियावेइ को मिला जिन्होंने 23.66 सेकेंड में ये दूरी पार की और रजत जापान के मासायुकी किशिदा को मिला. उन्होंने 24.13 सेकेंड का समय लिया.

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Image caption आशीष कुमार ने राष्ट्रमंडल खेलों में भी पदक जीता था

शतरंज के एकल मुक़ाबले में भारत की द्रोणावल्ली हरिका ने ये पदक जीता.जबकि जिम्नास्टिक्स में राष्ट्रमंडल खेलों में एक रजत और एक काँस्य जीतने वाले आशीष कुमार ने एशियाड में भी काँस्य पदक जीता.

पुरुषों के फ़्लोर वर्ग में चीन के झांग चेंगलोंग को स्वर्ण और दक्षिण कोरिया के सू म्युन किम को रजत मिला. आशीष 14.925 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर आए.

इसके बाद चीनी मार्शल आर्ट से जुड़े खेल वुशु में भारत के बिमलजीत सिंह को काँस्य पदक मिला. सांशू के 60 किलोग्राम वर्ग के सेमीफ़ाइनल में उन्हें ईरानी खिलाड़ी ने हरा दिया.

भारत एक स्वर्ण, चार रजत और सात काँस्य पदकों के साथ पदक तालिका में नौंवें स्थान पर है. उधर चीन के पदकों का शतक पूरा हो चुका है और अब वो स्वर्ण पदकों के शतक की ओर बढ़ रहा है.

निशानेबाज़ों का ख़राब प्रदर्शन

उधर निशानेबाज़ी में महिलाओं की 25 मीटर सेंटर फ़ायर पिस्टल में भारतीय महिला टीम सातवें स्थान पर रही जबकि राही सरनोबत, अन्नुराज सिंह और अनीसा सैयद की टीम कोई भी पदक नहीं जीत सकी.

व्यक्तिगत रूप से राही सरनोबत दसवें स्थान पर रहीं और उन्होंने कुल 577 स्कोर किया. उनके बाद अन्नु राज सिंह 18वें स्थान पर रहीं और उनका स्कोर 574 था.सबसे बुरा प्रदर्शन अनीसा सैयद का 566 अंकों के साथ रहा और वह 26वें नंबर पर आईं.

निशानेबाज़ों के इस बुरे प्रदर्शन पर टीम के राष्ट्रीय कोच सनी टॉमस ने बीबीसी हिंदी से बातचीत में कहा कि उनकी टीम को एक के बाद एक लगातार इस साल मुक़ाबलों में जाना पड़ा है और राष्ट्रमंडल खेलों के एक ही महीने के अंदर एक और बड़ा मुक़ाबला होने से खिलाड़ी उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं.

हॉकी

हॉकी में भारतीय महिला टीम का मुक़ाबला जापान से था मगर भारतीय महिला टीम ने राष्ट्रमंडल खेलों का बुरा फ़ॉर्म बरक़रार रखा और 3-0 से हार गई.

टीम की कप्तान सुरिंदर कौर ने मैच के बाद बीबीसी हिंदी से बातचीत में माना कि टीम बहुत ही बुरा खेली. उन्होंने कहा, “हमारी टीम बिल्कुल अच्छा नहीं खेली. गोलकीपर से लेकर फ़ॉरवर्ड तक सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं किया. खिलाड़ी अगर अपनी क्षमता का 20 प्रतिशत भी प्रदर्शन करतीं तो जीत मिल सकती थी.”

वहीं पुरुषों की फ़ुटबॉल टीम का मुक़ाबला भी जापान से ही था और एक बार फिर जीत जापान को ही मिली जबकि भारतीय टीम 5-0 से बुरी तरह हार गई.

हाफ़ टाइम तक 3-0 से पीछे चल रही टीम एक भी गोल नहीं कर सकी.

अन्य मुकाबले

टेबल टेनिस के मिश्रित युगल में भारत के अचंता शरद कमल और शामिनी कुमारेसन की जोड़ी जापान के सिया किशिकावा और अइ फ़ुकुहारा की जोड़ी से 12-10, 4-11, 11-8, 2-11, 6-11 से हार गई.

मगर पुरुष युगल में अचंता शरद कमल और शुभजीत साहा की जोड़ी ने क़तर के हुसैन अल बहरानी और मंसूर अलेनेज़ी की जोड़ी को 11-7, 11-4, 11-4 से हरा दिया.

बैडमिंटन में भारत की अपर्णा बालन और प्रजाक्ता सावंत की जोड़ी को मलेशियाई जोड़ी ने हरा दिया. शाम को हुए बैडमिंटन के प्रीक्वार्टर फ़ाइनल में भारत की ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी चीन की तियान चिंग और झाओ युनलेई से 10-21, 5-21 से हार गई.

एकल मुक़ाबले में भारत की अदिति मुटाटकर ने श्रीलंका की तिलनी जयसिंघे को 21-11, 21-19 ले हराया.

बास्केटबॉल में क़तर ने भारत को 97-48 से हराया और वॉलीबॉल में भारत वियतनाम को 3-0 से हराने में क़ामयाब रहा.

मंगलवार से शुरू हुए मुक्केबाज़ी के मुक़ाबलों में पहले दिन सिर्फ़ सुरंजय का मुक़ाबला था और उन्होंने थाईलैंड के प्रतिद्वन्द्वी चाटचाइ बुत्दी को 7-2 से हरा दिया.

बुधवार को भारत का वुशु में एक पदक पक्का और हो गया है जबकि संध्यारानी देवी महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग के फ़ाइनल में पहुँच गई हैं.

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