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चीन में चल रहे सोलहवें एशियाई खेलों में भारत कोई ख़ास कमाल नहीं दिखा पाया है.

राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के सफल प्रदर्शन के बाद सभी को खिलाड़ियों से एशियाई खेलों में बड़ी उम्मीदें थी लेकिन अब तक पदक तालिका सूनी सी पड़ी है.

भारत के हाथ अब तक दो पदक लगे हैं जो पंकज अडवानी ने बिलियर्ड्स में हासिल किया और दूसरा बजरंगलाल टखर ने रोइंग के मुकाबले में . पंकज कहते हैं कि उन्हें इस बात की बेहद ख़ुशी है कि उन्होंने अपने देश के लिए यह पदक जीता, वो मानते हैं कि खेल में अंत तक डटे रहने के कारण और हार न मानने के कारण उन्हें यह पदक मिल पाया.

भारत कि शूटिंग टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है, बीजिंग ओलंपिक्स के स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा तो फाइनल्स तक भी नहीं पहुँच पाए. राष्ट्र्मंडक खेल में ४ स्वर्ण पदक जीतने वाले गगन नारंग भी देश को बस २ रजत पदक ही दिला पाए हैं. उधर महिला शूटिंग टीम ने भी सबकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया. अनीसा सईद, हीना सिद्धू और अनुराज सिंह के हाथों टीम इवेंट में केवल एक कांस्य पदक हाथ लगा.

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कार्यक्रम में आप सुन सकते हैं शूटिंग कोच सन्नी थॉमस को जो कहते हैं कि राष्ट्रमंडल खेल, वर्ल्ड चैम्पियनशिप और अब एशियाई खेल, इन एक के बाद एक लगातार हुए मुकाबलों के कारण खिलाड़ियों के लिए अपना सर्वोत्तम प्रदर्शन बनाए रखना कठिन है. थॉमस यह भी कहते हैं कि एशियाई खेलों में चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देश कड़ी टक्कर दे रहे हैं जो राष्ट्रमंडल खेलों का हिस्सा नहीं थे.

साथ ही साथ कार्यक्रम में भारत के मुक्केबाज़ी कोच जी. एस. संधू से भी बात हो रही है जो कहते हैं कि मुक़ाबला बेहद कठिन हैं और मुक्केबाज़ी में भारत के हाथ कितने मेडल लगेंगे उन्हें अंदाज़ा नहीं है.

राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में उठे भ्रष्टाचार के मामलों के बाद खेल की दुनिया में एक और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है. फीफ़ा वर्ल्ड कप आयोजन समिति के दो सदस्यों को निलंबित कर दिया गया है. २०१८ और २०२२ में आयोजित होने वाले फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप की बोली में हुई धांधलेबाज़ी के कारण यह फैसला सुनाया गया. फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप समिति के महासचिव क्या कहते हैं इस बारे में वो आप सुन सकते हैं इस हफ्ते के कार्यक्रम में.

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