स्वर्ण जीतकर सोमदेव ने रचा इतिहास

  • 23 नवंबर 2010
सोमदेव देववर्मन
Image caption सोमदेव का यह लगातार तीसरा स्वर्ण पदक है।

भारत के टेनिस स्टार सोमदेव देववर्मन ने एशियाई खेलों की टेनिस स्पर्धा में पुरुषों के एकल वर्ग में उज़्बेकिस्तान के डेनिस इस्तोमिन को हराकर स्वर्ण पर कब्ज़ा कर लिया है.

भारतीय खेलों के इतिहास में सोमदेव पहले ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने एशियाई खेलों में पुरुषों के एकल वर्ग में स्वर्ण जीता हो.

सोमदेव का यह लगातार तीसरा स्वर्ण पदक है. उन्होंने दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में भी एकल स्वर्ण पदक जीता था. साथ ही अपने जोड़ीदार सनम सिंह के साथ एशियाई खेलों में पुरुष युगल वर्ग का स्वर्ण भी अपने नाम किया था.

सोमदेव ने डेनिस इस्तोमिन को 6-1 और 6-2 से पराजित किया.

खुशी और गर्व

अपनी जीत पर खुशी ज़ाहिर करते हुए सोमदेव ने समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से कहा, '' यह स्वर्ण पदक जीतकर मैं बहुत ज़्यादा खुश हूं. ये एक सपने के सच होने जैसा है. कोई भई एशियाई खेलों में ये सोचकर नहीं आता कि दो स्वर्ण पदक जीतने का मौका मिलेगा. अपने देश के लिए खेलते हुए मुझे अच्छा भी लगता है और गर्व भी होता है. ''

सोमवार को सोमदेव देवबर्मन और उनके युवा जोड़ीदार सनम सिंह ने टेनिस स्पर्धा के युगल मुकाबलों में स्वर्ण पदक हासिल किया था.

सनम और सोमदेव ने सोमवार को खेले गए खिताबी मुकाबले में चीन के एम. गांग और जेड ली की जोड़ी को सुपर टाइब्रेकर के बाद 6-3, 6-7, 1-0 (10-8) से पराजित किया था.

इस पदक के साथ एशियाई खेलों में भारत अब तक सात स्वर्ण, 12 रजत और 20 कांस्य पदक जीत चुका है.

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