इतिहास रचेगा भारत

भारतीय खेलों के प्रशंसक
Image caption भारत अब तक कुल 53 पदक जीत चुका है जबकि 1982 में उसे कुल 57 पदक मिले थे.

भारत शुक्रवार को 1982 के एशियाई खेलों के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को पीछे छोड़कर इतिहास रच देगा.

भारत ने 10 स्वर्ण सहित कुल 53 पदक जीत लिए हैं जबकि 1982 में उसे 13 स्वर्ण सहित कुल 57 पदक मिले थे.

भारत के तीन मुक्केबाज़ फ़ाइनल खेलेंगे जबकि भारतीय पुरुष और महिला टीमें कबड्डी के फ़ाइनल में पहुँच चुकी हैं.

पदकों की उम्मीद

ये पाँच पक्के पदक जोड़कर भारत की पदक तालिका 58 को छू जाएगी, हालाँकि उसे कुछ और पदकों की भी उम्मीद है.

कुश्ती में सुमन कुंडू 63 किलोग्राम, गीता 55 किलोग्राम और गुरशरण प्रीत कौर 72 किलोग्राम वर्ग में उतरेंगी.

कराटे में सिम्मी बट्टा महिलाओं के 68 किलोग्राम वर्ग में क्वॉर्टर फ़ाइनल में हैं.

कबड्डी में महिला टीम का मुक़ाबला फ़ाइनल में थाइलैंड से है जबकि पुरुषों के सामने ईरान की टीम होगी.

मुक्केबाज़ी में संतोष कुमार विरोठू 64 किलोग्राम वर्ग में कज़ाख़स्तान के दानियार येलेउसिनोव से भिड़ेंगे.

विजेंदर कुमार 75 किलोग्राम वर्ग में उज़बेकिस्तान के अब्बोस अतोएव से मुक़ाबला करेंगे और 91 किलोग्राम वर्ग में मनप्रीत सिंह के सामने रिंग में सीरिया के मोहम्मद घोसोन होंगे.

एथलेटिक्स में उम्मीद

एथलेटिक्स में भारतीय महिला टीम ने दोहा में चार गुणा चार सौ मीटर रिले का स्वर्ण पदक जीता था और अब उसे यहाँ वो पदक बचाना होगा. पुरुषों की भी इस रिले में भारतीय टीम फ़ाइनल में है.

महिलाओं और पुरुषों की चार गुणा सौ मीटर रिले दौड़ में भी भारतीय टीम पदक के लिए ज़ोर लगाएगी.

महिलाओं की 10 हज़ार मीटर दौड़ में स्वर्ण और रजत जीतने वाली प्रीजा श्रीधरन और कविता राउत अब पाँच हज़ार मीटर में भारत के लिए पदक जीतने की कोशिश में हैं.

पुरुषों की 10 हज़ार मीटर दौड़ में सुरेश कुमार फ़ाइनल में हैं.

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