कुछ घंटों में मेज़बानों की घोषणा

फ़ीफ़ा प्रतियोगिता
Image caption दोनों वर्ल्ड कप की मेज़बानी के लिए नौ देशो में प्रतियोगिता

अंतरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल संस्था फ़ीफ़ा कुछ घंटों बाद ये घोषणा करेगी कि 2018 और 2022 में होने वाले वर्ल्ड कप की मेज़बानी कौन से देश करेंगे.

फ़ीफ़ा के सदस्य गुरुवार को इस मेज़बानी को लेकर मतदान कर रहे हैं और इसके लिए नौ देशों ने निविदा डाली है.

2018 में होने वाले वर्ल्ड कप की मेज़बानी के लिए नीदरलैंड-बेल्जियम, स्पेन-पुर्तगाल, रूस और इंग्लैंड के बीच होड़ है.

2022 के लिए अमरीका, ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया और क़तर सरीखे देशों ने निविदा डाली है. ये मतदान स्विट्ज़रलैंड के शहर ज़्यूरिख़ में हो रहा है.

2018 में होने वाले वर्ल्ड कप की मेज़बानी के लिए चार प्रतियोगी देशों के पास फ़ीफ़ा की 22 सदस्यीय टीम को राज़ी करने के लिए 30 मीनट का समय है.

इन्हीं 30 मीनट में इन चार देशों को ये साबित करना होगा कि वो किस तरह से अलग हैं.

नौ प्रतियोगी

दोनों ही वर्ल्ड कप के लिए मतदान गुप्त तरीके से होगा. इसकी घोषणा फ़ीफ़ा के अध्यक्ष सेप ब्लेटर करेंगे.

2022 में होने वाले वर्ल्ड कप के लिए पाँच प्रतियोगी देश स्पर्धा में हैं.

ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि अगर उसे चुना जाता है तो इससे एशिया प्रशांत क्षेत्र में फुटबॉल का तेज़ी से विकास होने में मदद मिलेगी.

वहीं दक्षिण कोरिया का कहना है कि अगर उसे चुना जाता है तो इससे संयुक्त कोरिया की संभावनाओं को बल मिलेगा.

क़तर ने अपनी निविदा में कहा है कि फ़ीफ़ा मध्यपूर्व में पहली बार ऐसी प्रतियोगिता कराने का निर्भिक फ़ैसला ले.

जबकि अमरीका का तर्क है कि अगर उसे चुन लिया जाता है तो उससे फ़ीफ़ा को रिकॉर्ड लाभ होगा.

जापान ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि वो प्रतियोगिता में उच्च तकनीक का प्रयोग करेगा और पूरी दुनिया को ये मैच स्टेडियम में 3 डी लगा कर दिखाएगा.

रुस के प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन के न आने से ये अटकलें तेज़ हो गई है कि क्या रुस इससे हाथ खिंच सकता है.

सवाल ये भी है कि क्या इंग्लैंड भ्रष्टाचार के आरोपों को दरकिनार कर फिर उत्साह से खुद को पेश कर पाने में सफल होगा जबकि ब्रिटीश मीडिया में ये ख़बरें भी छपी हैं कि उसकी निविदा असफल रही है .

बीबीसी संवाददाता के अनुसार स्पेन और पुर्तगाल की मिलकर डाली गई निविदा को कमज़ोर तो समझा जा रहा है लेकिन वे आत्मविश्वास से भरे हुए हैं. नीदरलैंड-बेल्जियम की निविदा को बाहरी समझा जा रहा है.

संबंधित समाचार