सिरीज़ बराबर करने की कोशिश

  • 26 दिसंबर 2010
Image caption कप्तान धोनी को गेंदबाज़ों से उम्मीद है

दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ पहला टेस्ट मैच हार चुकी भारतीय टीम रविवार को डरबन में होने वाला दूसर टेस्ट जीतकर सिरीज़ बराबर करने की कोशिश करेगी.

डरबन मैच में भारत की नंबर वन रैंकिंग तो दाँव पर नहीं लगी है पर भारत जीतकर अपनी प्रतिष्ठा ज़रूर बचाना चाहेगा.

पहले टेस्ट मैच में दक्षिण अफ़्रीका ने भारत को एक पारी और 25 रनों से करारी शिकस्त दी थी.

मैच की दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाज़ों ने वापसी करने की कोशिश की थी जो सकारात्मक संकेत है. हालांकि सुरेश रैना समेत कुछ बल्लेबाजों की फ़ॉर्म चिंता का सबब बनी हुई है. रैना की जगह चेतेश्वर पुजारा को जगह मिल सकती है.

दूसरे मैच से पहले गौतम गंभीर को चोट लगी है और उनका खेलना तय नहीं है जिससे भारत को झटका लगा है.

गेंदबाज़ी में अच्छी ख़बर ये है कि ज़हीर खान चोट से उबर गए हैं. सेंचुरियन मैच में ज़हीर खान नहीं खेल पाए थे.

ज़हीर की वापसी

मैच से पहले भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा, “डरबन में स्थितियाँ गेंदबाज़ों के ज़्यादा अनुकूल हैं जिससे भारत को मदद मिलेगी. पिछले मैच में हम 10 विकेट भी नहीं ले पाए थे. ज़हीर खान की वापसी से टीम का हौसला बढ़ेगा.”

उधर दक्षिण अफ़्रीका के पास भी मॉर्कल और डेल स्टेन जैसे गेंदबाज़ हैं जिन्होंने पहले टेस्ट में भारतीय बल्लेबाज़ों की बिल्कुल चलने नहीं दी थी.

जबकि बल्लेबाज़ी में ग्रेम स्मिथ, जाक कालिस और हाशिम अमला जैसे दिग्गज खिलाड़ी हैं.

वैसे डरबन में भारत का रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं रहा है. भारत यहाँ दो बार हार चुका है तो एक मैच ड्रॉ रहा. वहीं दक्षिण अफ़्रीका भी डरबन में हाल में खेले गए टेस्ट मैच बड़े अंतर से हारा है.

पिछले साल दिसंबर में इंग्लैंड ने दक्षिण अफ़्रीका को एक पारी से हराया था और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया के हाथों दक्षिण अफ़्रीका को 175 रनों से मात मिली थी.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार