आईपीएल: 'नए दौर का आग़ाज़'

Image caption आयोजकों की सबसे बड़ी कोशिश है भ्रष्टाचार के आरोपों से दाग़दार हुई आईपीएल की छवि को सुधारना.

बंगलौर में आईपीएल के चौथे सत्र के लिये नीलामी शनिवार से शुरु हो रही है. आयोजकों का मानना है कि यह एक नए दौर की शुरुआत है.

नीलामी की यह प्रक्रिया दो दिन तक चलेगी. इस दौरान क्रिकेट जगत के 353 महारथी इस नीलामी का हिस्सा होंगे.

इंडियन प्रिमियर लीग के लिए हो रही इस नीलामी के ज़रिए ये अलग-अलग देशों के खिलाड़ी आईपीएल की टीमों का हिस्सा बनेंगे.

माना जा रहा है अलग-अलग टीमों के मालिक इन खिलाड़ियों के लिए बोली लगाने के लिए 7.5 करोड़ डॉलर खर्च करेंगे.

आईपीएल के चौथे सत्र के दौरान आयोजकों की सबसे बड़ी कोशिश है भ्रष्टाचार के आरोपों से दाग़दार हुई आईपीएल की छवि को सुधारना.

नए फ्रेंचाइज़ी

इस बार दो नए फ्रेंचाइजियों के शामिल होने से नीलामी दिलचस्प हो सकती है.

क्रिकेट को हमेशा सभ्य जन का खेल माना गया है लेकिन आईपीएल ने उसे अरबों के व्यापार में बदल दिया है.

शनिवार और रविवार को नीलामी के दौरान आईपीएल की दस टीमों के मालिक सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल करने के लिए बोली लगाएंगे.

पाकिस्तानी खिलाड़ियों को इस नीलामी से दूर रखा गया है और इस बारे में भी अभी स्पष्ट रुप से कोई जानकारी नहीं है कि ब्रिटेन के खिलाड़ी इसमें शामिल होंगे या नहीं.

मुश्किल दौर

2010 आईपीएल के लिए मुश्किलों भरा रहा. इस दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर उस पर कई दाग़ भी लगे.

इन आरोपों के चलते आईपीएल की स्थापना करने वाले ललित मोदी को इस्तीफ़ा देना पड़ा. इस साल नीलामी की ज़िम्मेदारी रिचर्ड मैडले निभाएंगे.

नीलामी को लेकर मैडले ने कहा, ''इस साल नीलामी का मंज़र कुछ अलग है. हम ललित मोदी के जाने बाद एक नए दौर की शुरुआत कर रहे हैं. मुझे लगता है स्थितियां सभंलेंगी. खिलाड़ियों पर बेहिसाब पैसा बरसने की उम्मीद भी कम है.''

आईपीएल का यह नया दौर कैसा होगा ये तो वक्त बताएगा लेकिन इन दो दिनों के दौरान क्रिकेट जगत की निगाहें भारत पर टिकी रहेंगी.

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