क्रिकेट से आई 'ख़ामोश क्रांति'

कॉम्पटन इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption कॉम्पटन गैंगवार के कारण बदनाम है

अमरीका के लॉस एंजेलेस का एक बदनाम शहर कॉम्पटन. पूर्व गैंगस्टर का एक ग्रुप, बेघर लोग, बेघर बच्चे और इन सबको लेकर बनी एक क्रिकेट टीम. बिल्कुल फ़िल्मी और अविश्वसनीय लगती है ये क्रिकेट टीम.

लेकिन अविश्नसनीय सी लगनी वाली एक टीम अब इतिहास बना रही है. ये टीम पहली ऑल-अमेरिकन टीम है, जो ऑस्ट्रेलिया का दौरा कर रही है. जब टेड हेज़ को क्रिकेट खेलने को कहा गया, तो उन्होंने ये कहते हुए अपने कंधे झटक दिए कि ये क्रिकेट क्या बला है.

बेघर लोगों के लिए चैरिटी का काम करने वाले टेड हेज़ ने बिल्कुल अजीब अंदाज़ में अपनी मित्र केटी हेबर को डपट दिया था. हेबर हॉलीवुड में फ़िल्म निर्माता हैं.

हेबर ज़्यादातर ब्रितानी लोगों को लेकर बनी एक टीम के लिए 11वें खिलाड़ी की तलाश में थी. केटी हेबर ने उन्हें समझाया कि ये खेल बेसबॉल की तरह है और इसमें गोल-गोल नहीं बल्कि आगे-पीछे दौड़ना पड़ता है. आख़िरकार टेड ने क्रिकेट से दो-दो हाथ करने की ठानी.

बिवर्ली हिल्स और हॉलीवुड क्रिकेट क्लब के पूर्व कप्तान एलेक्जैंडर रुफ़स इसाक्स के मुताबिक़ टेड के खेलने का तरीक़ा अजीबो-गरीब था. क्रिकेट की स्टाइल उनमें भले ही नहीं थी, उन्होंने इसे मनोरंजन के लिए ख़ूब इस्तेमाल किया.

फ़ैसला

लेकिन खेल-खेल में टेड हेज़ क्रिकेट के इतने दीवाने हो गए कि उन्होंने अपनी एक टीम बनाने का फ़ैसला किया. उस समय केटी हेबर और टेड हेज़ लॉस एंजेलेस में बेघर लोगों के लिए एक शिविर बना रहे थे, जिसका नाम था द डोम विलेज.

केटी हेबर ने बताया, "हमने उल्टे-पुल्टे तरीक़ों से इन बेघर लोगों को क्रिकेट का प्रशिक्षण देना शुरू किया. हमने इस क्रम में कूड़े के डब्बे को स्टम्प तक बनाया."

कुछ महीनों में इन लोगों ने अपनी एक टीम बना ली. हेबर कहती हैं, "हमने क्रिकेट के माध्यम से बेघर लोगों को सभ्य बनाने में काफ़ी सफलताई पाई. इस क्रम में हमने कई खिलाड़ी गँवाए भी. ये बड़े हुए और डोम विलेज से बाहर चले गए."

ये पूर्व गैंगस्टर, बेघर लोगों और बेघर बच्चों का एक सहयोग की शुरुआत थी, जो अब क्रिकेट को उद्देश्यपूर्ण और क़ानून से बंधा जीवन जीने के एक लक्षण के रूप में देखते हैं. केटी हेबर कहती हैं कि सबसे अहम है क्रिकेट का शिष्टाचार. इसमें प्रतिद्वंद्विता भी है और जीत की ललक भी, फिर भी इसमें एक शालीनता है.

बेघर लोगों के साथ सफल प्रयोग के बाद उन्होंने पड़ोसी कॉम्पटन का रुख़ किया, जहाँ ग़रीबी तो थी ही, हिंसा भी काफ़ी होती थी.

उन्होंने स्थानीय स्कूलों में बच्चों को चुनना शुरू किया और शहर में एक क्रिकेट वर्कशॉप भी स्थापित किया. ऐसा उन्होंने उस समय में किया तो गैंगवॉर के कारण बदनाम था.

मुश्किल

केटी हेबर बताती हैं कि वहाँ हिंसा इतनी थी कि बच्चे छोटी-छोटी बातों पर एक दूसरे की हत्या कर रहे थे. हेबर याद करती हैं कि कुछ बच्चों को तो क्रिकेट के बारे में कुछ नहीं पता था.

डेनियल कैस्टानेडा बताते हैं कि कैसे 1996 में टेड और केटी उनके स्कूल में आए थे और असेंबली के दौरान क्रिकेट के बारे में बताया था. कैस्टानेडा तो इसी बात पर ख़ुश थे कि उन्हें क्लास में पढ़ाई नहीं करनी पड़ रही है.

लेकिन एक मित्र के समझाने-बुझाने पर उन्होंने क्रिकेट में हाथ आज़माया तो पता चला कि उनमें भी प्रतिभा है. ये सब होने से एक साल पहले कैस्टानेडा एक स्थानीय गैंग से जुड़ने पर विचार कर रहे थे. लेकिन ऐसा फिर नहीं हुआ. अब तो बच्चे उन्हें अपना आदर्श भी मानने लगे हैं.

विपरीत परिस्थितियों के बावजूद टीम बनी और अच्छी बनी. अब इसे कॉम्पटन क्रिकेट क्लब के नाम से जाना जाता है और इस टीम ने तीन बार इंग्लैंड का दौरा किया है.

ऑस्ट्रेलियन चैरिटी संस्थाओं के साथ इनकी भागीदारी है. लॉस एंजेलेस सोशल क्रिकेट अलायंस नाम के स्थानीय लीग में कॉम्पटन क्रिकेट क्लब से हमेशा मैच खेलने वाले बिवर्ली हिल्स टीम के रुफ़स इसाक्स कहते हैं कि वे बहुत अच्छे फ़ील्डर हैं.

वे कहते हैं, "बेसबॉल के साये में पलने बढ़ने के कारण वे मैदान में काफ़ी तेज़ हैं, उनकी थ्रो शानदार होती है और वे कई खिलाड़ियों को रन आउट करते हैं."

गैंग

एक समय गैंग से जुड़ने की सोच रहे कैस्टानेडा अब भी टीम का हिस्सा हैं. क्रिकेट ने शहर के कई लोगों की सोच भी बदली है.

एक खिलाड़ी रिकार्डो सलगाडो को ऑस्ट्रेलिया जाने की अनुमति नहीं मिली, क्योंकि 12 साल की उम्र में ही वे एक गैंग में शामिल हो गए थे. और उस दौरान पे-रोल पर छूटे थे.

अब सलागाडो 28 वर्ष के हैं और किसी गैंग के सदस्य नहीं हैं. उन्होंने शादी कर ली है और उनके दो बच्चे भी हैं. वे कहते हैं कि क्रिकेट ने उनके जीवन को बदलने में मदद की है.

कॉम्पटन क्रिकेट क्लब की सफलता ने लॉस एजेंलेस के अधिकारियों को काफ़ी प्रभावित किया है. लॉस एंजेलेस के पुलिस विभाग ने भी टीम की सराहना की है.

विभिन्न गैंग के सदस्यों को कोर्ट ले जाकर अपना करियर बनाने वाले उप ज़िला अधिवक्ता एलेन जैक्सन कहते हैं, "हिंसा और गैंग वार जारी है और हर दिन निर्दोष नागरिक मारे जाते हैं. लेकिन ज़रूरी नहीं कि अब ये शहर सिर्फ़ इसके लिए जाना जाता है."

संभावना

उन्होंने कहा कि इस शहर को फिर से जीवित करने में क्रिकेट एक बेहतरीन शुरुआती बिंदु है. जैक्सन कहते हैं कि इस शहर में न जाने कितने गैंगस्टर हैं, जो बॉस्केटबॉल खेलते हैं, स्कूल में फ़ुटबॉल खेलते हैं, लेकिन मैं नहीं मानता कि कोई गैंगस्टर क्रिकेट खेलता है.

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption टेड हेज़ भी बहुत मनाने के बाद क्रिकेट के लिए माने थे

कॉम्पटन क्रिकेट क्लब अपना क्रिकेट ग्राउंड बनाने के लिए पैसा इकट्ठा करने को लेकर जूझ रहा है. कॉम्पटन में फ़ुटबॉल का मैदान तो है लेकिन क्रिकेट का नहीं.

इसका मतलब ये हुआ कि खिलाड़ियों को लॉस एंजेलेस के आसपास जाकर क्रिकेट खेलना पड़ता है. लेकिन टेड का ध्यान बड़े परिदृश्य पर है.

टेड कहते हैं, "हम संघर्ष के क्षेत्रों में जाना चाहेंगे और ये समझाना चाहेंगे कि क्रिकेट के माध्यम से हम सभ्य होना सीख सकते हैं. हम असहमत हो सकते हैं और जीतने के लिए प्रतिद्वंद्विता कर सकते हैं लेकिन हमें एक-दूसरे को जान से नहीं मारना चाहिए. शांति से रहने के लिए ये दुनिया बहुत बड़ी है. हम प्रतियोगिता में भी आनंद ले सकते हैं और अपने को बेहतर इंसान भी बना सकते हैं."

रुफ़स इसास्क तो ये भी मानते हैं कि अमरीका में क्रिकेट के विकास की अपार संभावना है.

संबंधित समाचार