बल्लेबाज़ी मज़बूत मगर सचेत रहना होगा

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भारत ने बांग्लादेश को विश्व कप के पहले मैच में हरा तो दिया मगर चिंता के कुछ कारण भी दिखे.

वैसे तो सभी जानते हैं कि भारत की बल्लेबाज़ी ही उसकी सबसे बड़ी ताक़त है और जिस तरह उसने 370 रनों का बड़ा लक्ष्य खड़ा किया उसने इसे साबित भी किया.

मगर बांग्लादेश ने भी दिखा दिया कि उसे एक कमज़ोर टीम के तौर पर नहीं लिया जा सकता.

भारतीय बल्लेबाज़ी तो विश्व चैंपियन टीम की तरह है पर अगर गेंदबाज़ उस स्कोर का बचाव नहीं कर पाए तो मुश्किल होगी. पहले ही मैच के बाद यूँ तो कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता मगर गेंदबाज़ों को सचेत होना होगा.

श्रीसंत पाँच ही ओवर में 50 से ज़्यादा रन दे गए और लगा कि जब उनके तीसरे ओवर में 24 रन पड़े तो वो सूझबूझ खो बैठे.

फ़ील्डिंग में भारत कभी भी अव्वल नंबर की टीम नहीं रही मगर विश्व चैंपियन बनने के लिए फ़ील्डिंग में और मेहनत तो करनी ही होगी.

शुभ संकेत

वीरेंदर सहवाग अगर इस तरह 50 ओवर तक खेलने लगे तो मैच तो यूँ ही विपक्षी टीम के हाथों से निकल जाएगा. सचिन तेंदुलकर भले ही बड़ा स्कोर न बना सके हों मगर उनके आउट होने के बावजूद टीम पर किसी भी मौक़े पर कोई दबाव नहीं दिखा.

विश्व कप का पहला मैच खेलने उतरे थे विराट कोहली और इससे बेहतर क्या शुरुआत हो सकती थी कि उन्होंने पहले ही मैच में शतक जड़ दिया. उन्होंने पिछले कुछ समय में जो प्रदर्शन किया है उसके बाद सुरेश रैना के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं और युवराज सिंह भी ख़तरा महसूस करेंगे.

कोहली ने भारतीय पारी को स्थिरता देने और उसे ज़रूरत पड़ने पर तेज़ी से आगे बढ़ाने का काम बख़ूबी किया है. कुल मिलाकर भारतीय बल्लेबाज़ी इस टूर्नामेंट में सबसे मज़बूत दिख रही है.

अब इंग्लैंड के विरुद्ध भारत को बंगलौर में खेलना है और वहाँ की पिच आम तौर पर तेज़ गेंदबाज़ों को मदद देती है. ऐसे में हो सकता है कि भारत एक बार फिर तीन तेज़ गेंदबाज़ों के साथ ही उतरे.

मज़बूत बांग्लादेश

मगर इंग्लैंड को स्पिन से परेशान करने के लिए पीयूष चावला को मौक़ा दिया जा सकता है.

इधर बांग्लादेश ग्रुप स्तर पर सारे मैच अपनी ही ज़मीन पर खेल रही है. ऐसे में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज़ जैसी टीमों को वहाँ मुश्किल हो सकती है.

बांग्लादेश ने अगर इन दोनों में से किसी एक भी टीम को पटखनी दे दी तो इस ग्रुप से आगे जाने वाली चौथी टीम के लिए बांग्लादेश की दावेदारी मज़बूत हो जाएगी.

बांग्लादेश में इतना बड़ा आयोजन देखकर वहाँ के दर्शक भी बेहद उत्साहित हैं और टीम का वो बेहद जोश के साथ समर्थन भी कर रहे हैं.

बांग्लादेश के पास खोने को कुछ ख़ास नहीं है इसलिए लोगों का ये जोश टीम को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकता है.

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