वो प्रतिद्वन्द्विता नहीं रखेगी ऑस्ट्रेलिया

रिकी पॉन्टिंग और डेनियल विटोरी
Image caption आम तौर पर ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के बीच काफ़ी प्रतिद्वन्द्विता रहती है

ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पॉन्टिंग की टीम जब शुक्रवार को न्यूज़ीलैंड के विरुद्ध विश्व कप के मैच में उतरेगी तो उसमें पारंपरिक प्रतिद्वन्द्विता के बजाए न्यूज़ीलैंड के क्राइस्टचर्च में मारे गए लोगों की स्मृति ज़्यादा शामिल होगी.

क्राइस्टचर्च में मंगलवार को आए भूकंप में 60 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी और न्यूज़ीलैंड की टीम में क्राइस्टचर्च के भी कुछ खिलाड़ी हैं, हालाँकि उनके परिजन सुरक्षित हैं.

पॉन्टिंग ने कहा कि दोनों टीमों के खिलाड़ी बाँह पर काली पट्टी बाँधकर उस भूकंप में मारे गए लोगों को याद करेंगे.

इसके अलावा मैच से पहले दोनों टीमें उनकी स्मृति में एक मिनट का मौन भी रखेंगी.

ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाड़ियों की ओर से उठाए जा रहे ये क़दम ये दिखाने की कोशिश हैं कि उनके लिए चौथा विश्व कप जीतना दुनिया में हो रही बाक़ी घटनाओं से ज़्यादा ज़रूरी नहीं है.

पॉन्टिंग ने कहा, "हम जो भी सम्मान दिखा सकते हैं दिखाने की कोशिश करेंगे और साथ ही उन लोगों की मदद के लिए हरसंभव क़दम भी उठाएँगे."

जीत का रिकॉर्ड

न्यूज़ीलैंड के खिलाड़ी पिछले तीन दिनों से लगातार अपने परिजनों के संपर्क में हैं जबकि टीम के फ़िज़ियोथेरेपिस्ट और ट्रेनर स्वदेश लौट चुके हैं.

पॉन्टिंग ने मैच से एक दिन पहले कहा, "पिछले कुछ दिनों में क्राइस्टचर्च में जो कुछ हुआ है उससे हमारी ऑस्ट्रेलियाई टीम को काफ़ी अफ़सोस हुआ है."

दोनों टीमें नागपुर में एक ही स्टेडियम में रुकी हैं और इसीलिए दोनों देशों के खिलाड़ियों को एक-दूसरे से बातचीत का मौक़ा भी मिल रहा है.

पॉन्टिंग के मुताबिक़, "न्यूज़ीलैंड की टीम में मेरे कुछ अच्छे दोस्त हैं, उनसे मेरी बात हुई तो उन्होंने अपने परिजनों और दोस्तों के बारे में बताया. कुछ सुरक्षित हैं जबकि कुछ को नुक़सान हुआ है."

वैसे अगर ऑस्ट्रेलियाई टीम न्यूज़ीलैंड को इस मैच में हरा देती है तो विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया की ये लगातार 30वीं जीत होगी.

मैच को लेकर उनका कहना था कि न्यूज़ीलैंड अगर गेंदबाज़ी की शुरुआत किसी स्पिनर से करवाती है तो उसके लिए उनकी टीम तैयार है.

न्यूज़ीलैंड को पहले मैच में कीनिया पर 69 रनों से जीत मिली थी और उस मैच में गेंदबाज़ी की शुरुआत न्यूज़ीलैंड की ओर से नैथन मैक्कलम ने की थी.

पॉन्टिंग मानते हैं कि स्पिनरों के सामने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों की मुश्किलों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है. वैसे पहले मैच में ज़िम्बाब्वे के तीन स्पिनरों ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को काफी़ परेशान किया था.

ऑस्ट्रेलिया ने वो मैच 91 रनों से जीता था.

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