लॉटरी से मिलेंगे विश्व कप टिकट

  • 26 फरवरी 2011
हारुन लॉरगेट
Image caption आईसीसीके सीईओ हारुन लॉरगेट ने टिकट बिक्री पर भी चिंता जताई है.

विश्व कप के दौरान टिकट वितरण प्रणाली पर उठ रहीं उँगलियों के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने कहा है कि प्रतियोगिता के सेमी फ़ाइनल और फ़ाइनल मैचों के लिए पब्लिक बैलेट प्रणाली यानी लॉटरी के ज़रिए टिकट बिकेंगे.

आईसीसी को हाल ही में ख़ासी शर्मिंदगी उठानी पड़ी थी जब क्याज़ोंगा.कॉम नामक टिकट बिक्री करने वाली वेबसाइट अत्याधिक ख़रीद-फ़रोख्त के चलते बैठ गई थी.

आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारुन लोर्गट ने कहा, "मेज़बानों के साथ राय लेने के बाद हमने ये फ़ैसला किया है कि सेमी फ़ाइनल और फ़ाइनल के लिए टिकटों की बिक्री लॉटरी के ज़रिए की जाए. टिकटों की अत्याधिक मांग ये दर्शाती है कि विश्व कप 2011 और 50 ओवरों के एक दिवसीय खेल की लोकप्रियता कितनी है."

इससे पहले हारुन लॉरगेट ने बंगलौर में विश्व कप मैच का टिकेट ख़रीदने आए दर्शकों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झडपों की निंदा की थी.

विवाद

हारुन लॉरगेट ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि आईसीसी इस तरह की घटनाओं को दोबारा नहीं देखना चाहती.

रविवार को भारत और इंग्लैंड के बीच बंगलौर के चिन्नास्वामी स्टेडियम में विश्व कप का मैच होना है.

इस अहम मैच का टिकट ख़रीदने के लिए जुटे दर्शकों को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया था. दरअसल आम दर्शकों के लिए काफ़ी कम टिकट जारी किए गए थे.

टिकट बिक्री शुरू होने के इंतज़ार में बुधवार रात से ही स्टेडियम के ईर्द-गिर्द क्रिकेट प्रमियों का जमावड़ा शुरू हो गया था.

दर्शकों को जब इस बात का पता चला कि 50,000 लोगों के बैठने की क्षमता वाले स्टेडियम में जब आम जनता के लिए निर्धारित 7,000 टिकटों में से सभी बिक चुके हैं, तो भीड़ उग्र हो उठी.

तर्क

इसी के बाद हुई हिंसा में पुलिस को लाठी चार्ज कर इलाक़े को ख़ाली कराना पड़ा.

बंगलौर में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान हारुन लॉरगेट ने कहा, "ये ऐसे दृश्य हैं जिन्हें हम आगे नहीं देखना चाहते. पर इस बात में भी कोई दो राय नहीं कि स्थानीय प्रशासन को इस तरह की घटनाओं से निपटना आता है. "

पत्रकारों के इस सवाल को हारुन लॉरगेट टाल गए कि जब विश्व कप के अंतर्गत हो रहे मैचों में भारत की टीम नहीं खेलती उनमे स्टेडियम ख़ाली रहते हैं.

हारुन लॉरगेट ने कहा, "मैं इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हूँ कि उन मैचों में स्टेडियम ख़ाली थे, हाँ मैं ये ज़रूर कह सकता हूँ कि उनमें स्टेडियम पूरे भरे हुए नहीं थे."

19 फरवरी से 2 अप्रैल तक होने वाले क्रिकेट विश्व कप में टिकटों की बिक्री आयोजकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है.

ख़बरों के मुताबिक़ आम जनता को सीधे तौर बेचे जाने वाले टिकटों की संख्या बहुत कम बताई जा रही है, जबकि बचे हुए टिकटों को आईसीसी और मैच आयोजित करवाने वाली स्थानीय क्रिकेट संस्थाओं के बीच बांटा जा रहा है.

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