ज़िम्बाब्वे टीम में दादा का 'कर्ज़दार'

तटेंडा टैबू इमेज कॉपीरइट AFP

ज़िम्बाब्वे के पूर्व कप्तान और मौजूदा विश्व कप की टीम में शामिल तटेंडा टैबू ने कनाडा के ख़िलाफ़ बेहतरीन पारी खेली, लेकिन इस पारी ने उन्हें कर्ज़दार बना दिया.

कनाडा के ख़िलाफ दुर्भाग्यशाली तरीक़े से 98 रन पर आउट हो जाने वाले ज़िम्बाब्वे के तटेंडा टैबू अपने को सौभाग्यशाली बता रहे हैं.

टैबू शतक से भले ही चूक गए हों, लेकिन अपनी शानदार पारी के लिए वे भारत के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली और ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा कप्तान रिकी पोंटिंग से मिली सीख का शुक्रिया अदा कर रहे हैं.

कनाडा के ख़िलाफ़ ज़िम्बाब्वे ने 175 रनों के बड़े अंतर से जीत हासिल की और इसमें अहम भूमिका निभाई टैबू की 98 रनों की पारी ने.

मौक़ा

जीत के बाद पत्रकारों से बातचीत में टैबू ने कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ खेलते समय उन्हें कुछ समय के लिए गांगुली और पोंटिंग के साथ ड्रेसिंग रूम में बैठने का मौक़ा मिला था.

उन्होंने बताया, "रिकी पोंटिंग और सौरभ गांगुली जैसे खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम में बैठना बहुत अच्छा अनुभव था. मैंने इन दोनों खिलाड़ियों से बहुत कुछ सीखा. मुझे बेहतर बल्लेबाज़ बनने में भी मदद मिली."

ज़िम्बाब्वे की इस टीम इस विश्व कप में अपना पहला मैच 91 रनों से हार गई थी, लेकिन टैबू की पारी की बदौलत ज़िम्बाब्वे ने कनाडा को हरा दिया.

टैबू का मानना है कि ट्वेन्टी-20 के बढ़ते असर के कारण एक दिवसीय मैचों में भी ज़्यादा रन बन रहे हैं. अभी तक इस विश्व कप में छह बार टीमें 300 या उससे ज़्यादा रन बना चुकी हैं.

संबंधित समाचार