क्रिकेट और ट्विटर का डबल धमाका

  • 1 मार्च 2011
क्रिकेट इमेज कॉपीरइट Reuters

इन दिनों भारत-इंग्लैंड मैच के दौरान बिल्कुल सही भविष्यवाणी करने वाले पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शेन वॉर्न की ख़ूब चर्चा है. शेन वॉर्न ने मैच समाप्त होने के कई घंटे पहले ही ये कह दिया था कि ये मैच टाई होगा.

चलिए शेन वॉर्न से जुड़ी एक और रोचक बात आपको बताते हैं. शेन वॉर्न की भविष्यवाणी सही होने के बाद आईपीएल के चर्चित पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने वॉर्न को विश्व कप क्रिकेट के पॉल द ऑक्टोपस की संज्ञा दे डाली.

आपको याद ही होगा कि विश्व कप फ़ुटबॉल के दौरान पॉल द ऑक्टोपस ने बिल्कुल सही भविष्यवाणी करके ख़ूब सुर्ख़ियाँ बटोरी थी.

दरअसल शेन वॉर्न से लेकर ललित मोदी की बातें इतनी जल्दी हम तक इसलिए पहुँच रही है क्योंकि ट्विटर और फ़ेसबुक जैसे सोशल नेटवर्किंग साइट्स ने सूचना जगत में क्रांति ला दी है.

रोचक

पहले नए मित्र बनाने और पुराने मित्र तलाश करने वाली ये साइट्स आजकल सूचना युग में अहम भूमिका निभा रही है. लोगों को याद होगा कि कैसे ललित मोदी के ट्विट पर शशि थरूर की नौकरी चली गई.

ट्विटर से जुड़ा हर मशहूर शख़्स इन दिनों देश-दुनिया के अलावा अपने फ़ैन्स से भी जुड़ा है. विश्व कप क्रिकेट में ट्विटर ने सूचना तंत्र को और पारदर्शी और रोचक बना दिया है.

रविवार को भारत और इंग्लैंड के बीच हुए मैच की बात करें, तो क्या फ़िल्म इंडस्ट्री, क्या क्रिकेट जगत, क्या पत्रकार और क्या उद्योगपति- सभी अपनी पल-पल की प्रतिक्रियाओं से मैच का आनंद बढ़ा रहे थे.

ट्विटर पर नज़र रखने वाले और इससे जुड़े लोगों को ये अच्छी तरह पता चल रहा था कि क्रिकेट के प्रशंसक अमिताभ बच्चन इस मैच पर क्या राय रखे हुए हैं, और सचिन की फ़ैन सानिया सचिन की पारी पर क्या कहना चाहती हैं.

अभिनेत्री नेहा धूपिया तो हवाई जहाज़ पर चढ़ने से पहले मैच का स्कोर पूछ रही थीं, तो ऑस्ट्रेलियाई टीम के उप कप्तान माइकल क्लार्क सब कुछ छोड़ एकटक भारत-इंग्लैंड मैच का मज़ा ले रहे थे.

अभिनेता रणवीर शूरी तो हमारे-आपके जैसे क्रिकेट प्रेमियों की तरह पल-पल अपनी राय बदल रहे थे. खिलाड़ियों पर ग़ुस्सा निकाल रहे थे और टोटका भी कर रहे थे.

पहल

महेश भूपति को स्कोर का इंतज़ार था, तो बाद में वे पूछ रहे थे कि आख़िर भारतीयों को हो क्या गया है. हम-तुम और फ़ना जैसी फ़िल्मों के निर्देशक कुणाल कोहली भी भारतीय टीम से इतना नाराज़ थे कि उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि ये हो क्या रहा है.

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption ट्विटर पर मशहूर हस्तियों की टिप्पणियाँ आसानी से उपलब्ध हैं

दक्षिण अफ़्रीका टीम के हर्शेल गिब्स सलाह दे रहे थे कि पठान को पीछे उतारकर भारतीयों ने रणनीतिक रूप से चूक की है.

जाने-माने क्रिकेट पत्रकार अयाज़ मेमन एंड्रयू स्ट्रॉस के गुणगान में लगे थे, तो चर्चित कमेंटेटर हर्षा भोगले ये बताने की कोशिश कर रहे थे कि इंग्लैंड के इयन बेल को एलबीडब्लू आउट क्यों नहीं दिया गया.

ट्विटर जैसे मैच के दौरान इन चर्चित चेहरों का अड्डा बन गया था, जिस पर ये अपने दिल की भड़ास निकाल रहे थे.

अब कल्पना कीजिए आज से चार साल पहले हुए क्रिकेट विश्व कप की, मैं उस दौरान वेस्टइंडीज़ में था. उस समय भारतीय टीम को आधिकारिक रूप से ये आदेश था कि वे मीडिया से बात नहीं करेंगे.

बाक़ी टीमें दूसरी जगह थीं और सूचनाओं का प्रवाह ऐसा नहीं था. ऐसा नहीं था कि ख़बरें नहीं आती थी या कोई एक्सक्लूसिव रिपोर्टें नहीं होती थी.

लेकिन ट्विटर के युग में ऐसा लगता है जैसे आप खिलाड़ियों, समीक्षकों, पूर्व क्रिकेटरों और चर्चित चेहरों के बीच बैठकर मैच देख रहे हैं....दिल से निकली बात एक-दूसरे को बता रहे हैं.

सच पूछिए तो सोशल नेटवर्किग साइट्स ने क्रिकेट को नेटवर्क को और विस्तृत और रोचक बना दिया है.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार