आयरलैंड ने चटाई इंग्लैंड को धूल

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केविन ओ ब्रायन की शतकीय पारी की बदौलत आयरलैंड ने इंग्लैंड को बंगलौर में 3 विकेट से हरा दिया.

आयरलैंड के बल्लेबाज़ केविन ओ ब्रायन ने विश्व कप के इतिहास में सबसे तेज़ शतक लगाते हुए अपनी टीम को इंग्लैंड के 327 रनों के लक्ष्य के पार पहुंचा दिया.

63 गेंदों में 117 रन बनाने के बाद केविन ओ ब्रायन मैच के अंतिम और निर्णायक क्षड़ों में रन आउट हुए.

मात्र 111 रनों पर 5 विकेट गँवा चुकी आयरलैंड की टीम ने इस मैच में एक रोमांचक वापसी करते हुए 5 गेंदें शेष रहते हुए इंग्लैंड के लक्ष्य को पार कर लिया.

भारत के खिलाफ़ पिछला मैच टाई होने के बाद अब इंग्लैंड के पास तीन मैचों में तीन ही अंक हैं.

इस मैच में निर्णायक भूमिका निभाने वाले केविन ओ ब्रायन ने सिर्फ 50 गेंदों में 100 रन बनाकर विश्व कप के इतिहास में सबसे तेज़ शतक लगाया.

आयरलैंड की तरफ से बल्लेबाजी करते हुए निचले क्रम के बल्लेबाज़ों कुसैक और मूनी ने केविन ओ ब्रायन का भरपूर साथ निभाया और अपनी टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया.

मैच ख़त्म होने पर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकेल वॉन ने कहा,"हालांकि इंग्लैंड अभी विश्व कप से बाहर नहीं हुआ है लेकिन जिस तरह से इंग्लैंड की टीम गेंदबाजी और फील्डिंग कर रही है उसे देख कर लगता है की उनका कप जीतना मुश्किल होगा."

इंग्लैंड की पारी

इससे पहले जॉनथन ट्रॉट और इयन बेल के अर्द्धशतकों की मदद से इंग्लैंड ने आयरलैंड के विरुद्ध आठ विकेट के नुक़सान पर 327 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया है.

ग्रुप बी के इस मैच में ट्रॉट और बेल के बीच तीसरे विकेट के लिए 167 रनों की साझेदारी हुई और उन्होंने आयरलैंड की गेंदबाज़ी की जमकर धुनाई हुई.

इंग्लैंड के कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया. स्ट्रॉस और पीटरसन ने शुरुआती 10 ओवरों में ही 72 रन बना दिए थे. उसके बाद स्ट्रॉस 34 रनों के निजी स्कोर पर आउट हो गए जबकि पीटरसन ने 50 गेंदों में तेज़ी से 59 रन बनाए.

मगर इस साझेदारी को तोड़ा स्पिनर जॉर्ज डॉकरेल ने जब अपने दूसरे ओवर में उन्होंने स्ट्रॉस को पैवेलियन की राह दिखा दी.

इसके तीन ओवर बाद ही ऑफ़ स्पिनर पॉल स्टर्लिंग ने पीटरसन को भी आउट कर दिया.

इन दोंनों खिलाड़ियों के आउट होने के बाद ट्रॉट और बेल ने मिलकर आयरलैंड के गेंदबाज़ों की ख़बर लेनी शुरू की. बेल ने 81 रनों की पारी खेली जिसमें छह चौके और एक छक्का शामिल था.

ट्रॉट ने भी आयरलैंड के इस दंतहीन आक्रमण के साथ बल्लेबाज़ी प्रैक्टिस कर ली और नौ चौकों के साथ 92 रन बनाए.

जॉन मूनी ने 45वें ओवर में उन्हें आउट किया. उन्होंने इसी दौरान एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक हज़ार रन भी पूरे कर लिए.

इसके साथ ही उन्होंने सिर्फ़ 21 पारियों में ये आँकड़ा छू लेने के वेस्टइंडीज़ के विवियन रिचर्ड्स और इंग्लैंड के साथी खिलाड़ी केविन पीटरसन के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली.

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