गेंदबाज़ों पर बेहतर प्रदर्शन का दबाव

  • 8 मार्च 2011
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Image caption भारतीय गेंदबाज़ों पर दबाव होगा अच्छे प्रदर्शन का

नीदरलैंड्स के विरुद्ध दिल्ली में होने वाले विश्व कप के मुक़ाबले में भारतीय गेंदबाज़ों पर बेहतर प्रदर्शन का दबाव होगा.

इसके अलावा पिछले तीन मैचों से टीम में जगह बनाने की कोशिश कर रहे सुरेश रैना को एक बार फिर टीम में जगह मिलने की संभावना नहीं है और उसकी वजह इस मैच का दिल्ली में होना है.

इस बारे में भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि रैना को टीम में शामिल करने का मतलब है वीरेंदर सहवाग, गौतम गंभीर या विराट कोहली में से किसी एक को टीम से बाहर करना और इन तीनों में से कोई भी ये नहीं चाहेगा क्योंकि ये तीनों का ही घरेलू मैदान है.

अब तक इस ग्रुप में भारत ही एकमात्र ऐसी टीम है जिसने एक भी मैच में हार का सामना नहीं किया है और उसका ये रिकॉर्ड नीदरलैंड्स के विरुद्ध बरक़रार रहने की संभावना है जिसने एक भी मैच जीता नहीं है.

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Image caption रायन टेन दुश्काटे ने इंग्लैंड के विरुद्ध शतक जड़ा था

इससे पहले के मैचों में भारतीय बल्लेबाज़ों ने अच्छा प्रदर्शन किया है और दो बार पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 300 का स्कोर भी पार किया.

मगर गेंदबाज़ी में वो पैनापन नहीं दिखा है जिसकी वजह से बांग्लादेश ने 283 रनों का स्कोर पा लिया जबकि इंग्लैंड के विरुद्ध मैच 338 रन बनाने के बावजूद टाई हो गया.

सात बल्लेबाज़

वैसे इसके बाद आयरलैंड के मैच में जिस तरह 208 रनों का लक्ष्य पाने में भारत ने पाँच शीर्ष विकेट गँवा दिए उसे देखते हुए धोनी एक बार फिर सात बल्लेबाज़ों के साथ ही उतरना चाहते हैं.

उन्होंने कहा, "उस मैच में सबको बल्लेबाज़ी का मौक़ा मिला और वहाँ हम दबाव में बल्लेबाज़ी कर रहे थे. ऐसे मैचों में आपको एहसास होता है कि सातवें नंबर पर बल्लेबाज़ होना कितना अच्छा होता है."

स्पिन गेंदबाज़ी में पीयूष चावला काफ़ी महँगे साबित हुए हैं और अब रविचंद्रन अश्विन को टीम में शामिल किए जाने की संभावना है.

उधर नीदरलैंड्स की टीम ने इंग्लैंड के विरुद्ध पहले मैच में 292 रन बनाने के साथ अच्छी शुरुआत तो की थी मगर अगले दोनों मैचों में वह ज़्यादा बड़ा स्कोर नहीं खड़ा कर सके.

वेस्टइंडीज़ के विरुद्ध पूरी टीम सिर्फ़ 115 और दक्षिण अफ़्रीका के विरुद्ध 120 रन ही बना सकी थी.

नीदरलैंड्स के विरुद्ध भारत के मज़बूत प्रदर्शन से न सिर्फ़ भारत का नेट रन रेट सुधरेगा बल्कि उनके नॉक आउट दौर में पहुँचने का रास्ता भी साफ़ हो जाएगा.

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