क्लार्क की नज़र में भारत सबसे मज़बूत

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Image caption माइकल क्लार्क भारत को मज़बूत दावेदार मानते हैं

ऑस्ट्रेलिया के उप कप्तान माइकल क्लार्क की बात मानी जाए तो इंग्लैंड से अपना मैच टाई कराने और आयरलैंड को बमुश्किल हराने के बावजूद भारत विश्व कप जीतने का अब भी सबसे बड़ा दावेदार है.

ऑस्ट्रेलिया की तरह मेज़बान भारत भी अब तक एक भी मैच नहीं हारा है हालाँकि ऑस्ट्रेलिया का श्रीलंका के साथ मैच बारिश के हवाले हो जाने के कारण उसे भी भारत की तरह एक अंक गँवाना पड़ा है.

ऑस्ट्रेलिया और भारत दोनों अलग-अलग ग्रुप में हैं लेकिन इसके बावजूद क्लार्क भारत की प्रगति पर बारीक नज़र रखे हुए हैं.

उनका कहना है, “भारत अपनी घरेलू परिस्थितियों में खेल रहा है और उनकी टीम भी बहुत मज़बूत है. अपनी पिचों पर उनकी दावेदारी हमेशा तगड़ी रहती है.”

ऑस्ट्रेलिया लगातार चौथी बार विश्व कप जीतने की कोशिश कर रहा है और इस टूर्नामेंट में वह एक भी मैच नहीं हारा है लेकिन इसके बावजूद क्लार्क यह कहते हुए बहुत चौकस हैं कि आगे भी ऑस्ट्रेलिया अपनी स्लेट साफ़ रख पाएगा.

“हम जिस तरह से खेल रहे हैं उससे हम बहुत ख़ुश हैं लेकिन हमें अब भी इस टूर्नामेंट में बहुत लंबी दूरी तय करनी है.”

हसी से मज़बूती

ऑस्ट्रेलिया ने तेज़ गेंदबाज़ डग बोलिंगर की जगह अनुभवी बल्लेबाज़ माइकल हसी की टीम में वापसी का स्वागत किया है.

क्लार्क कहते हैं, "टीम में बाएँ हत्थे खिलाड़ी के होने से हमेशा मदद मिलती है. हसी ने भारतीय उप महाद्वीप में काफ़ी क्रिकेट खेली है और वह विश्व कप में भी बड़ी भूमिका निभाएंगे. मध्य क्रम में खेलने वाले खिलाड़ियों को अभी तक ज़्यादा मौके नहीं मिल पाए हैं. पहले वह दिखा चुके हैं कि वह अपने बूते पर हर तरह का मैच जितवा सकते हैं."

रविवार को जब ऑस्ट्रेलिया चिन्नास्वामी स्टेडियम में कीनिया से भिड़ेगा तो उसे श्रीलंका से मैच खेले एक सप्ताह हो चुका होगा.

वैसे क्लार्क का मानना है कि भारत में मशक्कत करने का जितना मौका आपको मिले उससे फ़ायदा ही होता है और उप महाद्वीप में खेलने की आपकी क्षमता बढ़ती है.

उनके हिसाब से, "जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ेगा, स्पिन गेंदबाज़ी का रोल बढ़ता जाएगा और हमने गेंद को रिवर्स स्विंग होते हुए भी देखा है. ज़ाहिर है जब आप अभ्यास करते हैं तो इन सब चीज़ों पर आपका ध्यान कुछ ज़्यादा ही जाता है."

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