पक्की होगी फ़ाइनल की पहली बर्थ

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Image caption विटोरी को इस बात पर आश्चर्य है कि इस्तेमाल हुई पिच पर ही सेमीफ़ाइनल खेला जाएगा

भारत-पाकिस्तान के सेमीफ़ाइनल के आकर्षण से अलग श्रीलंका और न्यूज़ीलैंड के बीच पहला सेमीफ़ाइनल ये तय करेगा कि फ़ाइनल में जगह बनाने वाली पहली टीम कौन सी होगी.

कोलंबो में मैच होने की वजह से माना जा रहा है कि श्रीलंका को घरेलू परिस्थितियों का फ़ायदा होगा तो वहीं न्यूज़ीलैंड की दक्षिण अफ़्रीका पर रोमाँचक जीत ने उसे भी एक मज़बूत टीम के रूप में पेश कर दिया है.

श्रीलंका की ओर से स्पिनर मुथैया मुरलीधरन के खेलने पर अब भी संदेह है क्योंकि वह चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं. अगर वह खेलने के लिए फ़िट नहीं हुए तो सेमीफ़ाइनल में उन्हें आराम भी दिया जा सकता है.

ये दोनों ही टीमें ग्रुप स्टेज पर एक दूसरे के ख़िलाफ़ खेल चुकी हैं जहाँ श्रीलंका ने न्यूज़ीलैंड को 112 रनों के बड़े अंतर से हराया था.

इस बीच श्रीलंका ने कोलंबो के इसी मैदान पर क्वॉर्टर फ़ाइनल में इंग्लैंड को 10 विकेट से हराया है और न्यूज़ीलैंड के कप्तान डेनियल विटोरी को इस बात पर आश्चर्य है कि सेमीफ़ाइनल उसी पिच पर खेला जाएगा जहाँ क्वॉर्टर फ़ाइनल हुआ था.

पुरानी पिच

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Image caption चोट की वजह से मुरलीधरन के खेलने पर अब भी संदेह के बादल हैं

विटोरी ने कहा, "हमें बताया गया है कि हम उसी पिच पर खेलेंगे जहाँ इंग्लैंड के साथ मैच हुआ था और ये आश्चर्यजनक है क्योंकि आप विश्व कप का सेमीफ़ाइनल एक इस्तेमाल हुई पिच पर ही खेलेंगे. मुझे लगा था कि नई पिच तैयार करना आवश्यक होगा मगर दरअसल ऐसा नहीं है."

क्वॉर्टर फ़ाइनल में जब न्यूज़ीलैंड की टीम दक्षिण अफ़्रीका के विरुद्ध उतरी थी तो उसके जीत की संभावना कम ही लोग मान रहे थे मगर न्यूज़ीलैंड ने छोटे स्कोर के बावजूद 49 रनों की एक रोमाँचक जीत हासिल की.

इसके अलावा न्यूज़ीलैंड के बारे में माना जाता है कि वह आईसीसी के टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करती है और ये टीम छठी बार विश्व कप के सेमीफ़ाइनल में पहुँची है.

वैसे कभी भी न्यूज़ीलैंड फ़ाइनल तक नहीं पहुँच सका और विटोरी मानते हैं कि इस बार टीम उस जगह से आगे बढ़ने की कोशिश करेगी.

वहीं न्यूज़ीलैंड पर ग्रुप स्तर में मिली जीत के बावजूद श्रीलंकाई कप्तान कुमार संगकारा का कहना है कि खिलाड़ी मैच को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं.

संगकारा ने कहा, "खिलाड़ियों के मैच को हल्के में लेने की कोई गुंजाइश ही नहीं है. ये किसी के दिमाग़ में नहीं है और सबको पता है इस चुनौती के बारे में."

ठोस क्रिकेट

उन्होंने साथ ही खिलाड़ियों को चेतावनी देते हुए कहा, "आप दर्शकों के हिसाब से नहीं खेल सकते, आपको ठोस क्रिकेट खेलना होगा और बारीक़ियों का ख़्याल रखना होगा. हम अगर अपनी क्षमता के हिसाब से खेलें तो जीतना ज़्यादा मुश्किल नहीं होगा. "

वैसे बीबीसी के क्रिकेट विश्लेषक आकाश चोपड़ा मानते हैं कि अहम भूमिका टॉस की होगी.

आकाश के मुताबिक़, "अगर न्यूज़ीलैंड पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 270-280 रन तक बना दे तो श्रीलंका के सामने चुनौती हो सकती है पर अगर श्रीलंका ने पहले बल्लेबाज़ी की तो वो इतना बड़ा स्कोर खड़ा कर सकते हैं कि न्यूज़ीलैंड मैच से पहले ही बाहर हो जाए."

ये मैच भारतीय समयानुसार दोपहर बाद ढाई बजे शुरू होगा.

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