भारत: 5 - पाकिस्तान: 0

  • 30 मार्च 2011
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विश्व कप में भारत और पाकिस्तान पाँच मुक़ाबलों में आमने सामने हो चुके हैं और सभी मुक़ाबलों में भारत को ही जीत मिली है.

सिडनी 1992

विश्व कप के मुक़ाबलों में भारत की पाकिस्तान से पहली भिड़ंत 1992 विश्व कप में हुई थी.

ये विश्व कप भले ही पाकिस्तान के नाम रहा हो, लेकिन भारत के खिलाफ़ पाकिस्तान को 43 रनों से हार झेलनी पड़ी थी.

इस मुक़ाबलें में भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए सचिन के 54 और अजय जडेजा के 46 रनों की मदद से 216 रन बनाए.

भारत की चुनौती के जवाब में पाकिस्तान की टीम सिर्फ़ 173 रन ही बना सकी. पाकिस्तान की ओर से आमिर सुहैल ने 62 रन बना संघर्ष किया लेकिन अपनी टीम को जिता नहीं सके.

भारत की ओर से कपिल देव, मनोज प्रभाकर और जवगल श्रीनाथ ने 2-2 विकेट हासिल किए.

सचिन तेंदुलकर को इस मुक़ाबले में 'मैन ऑफ़ द मैच' चुना गया.

बैंगलौर 1996

भारतीय उपमहाद्वीप में हुए विश्व कप में भारतीय ज़मीन पर दोनों टीमों के बीच मुकाबला भारत के ही नाम रहा. ये मैच भारत ने 39 रन से जीता.

इस मैच में भारत ने टॉस जीत पहले बल्लेबाज़ी चुनी. नवजोत सिंह सिद्धु के 93 और अजय जडेजा के 25 गेंदों पर बनाए गए 45 रनों की बदौलत भारत ने 287 का विशाल स्कोर खड़ा किया.

इस स्कोर के जवाब में पाकिस्तान के आमेर सुहैल ने यहाँ भी अर्धशतक लगा 55 रन बनाए, लेकिन वो अपनी टीम के जिता नहीं पाए. पाकिस्तान की टीम 248 रन ही बना सकी.

नवजोत सिंह सिद्धु इस मुक़ाबले के मैन ऑफ़ द मैच' रहे.

मैनचेस्टर 1999

इगंलैड के मैनचेस्टर में हुए मुक़ाबले में भी भारत ने टॉस और मैच दोनों जीते.

भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 227 रन बनाए जिसमें सचिन तेंदुलकर ने 45 रन, राहुल द्रविड़ ने 61 रन और मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने 59 रन बनाए.

इस स्कोर के जवाब में पाकिस्तान की ओर से इंज़माम उल हक ने 41 रन बनाकर संघर्ष किया लेकिन टीम 180 रन पर ही सिमट गई.

पाकिस्तान टीम को वेंकटेश प्रसाद की घातक गेंदबाज़ी ने लपेटा. इस मुकाब़ले में वेंकटेश प्रसाद ने पाँच विकेट लिए और 'मैन ऑफ़ द मैच' के खिताब पर कब्ज़ा किया.

सेंचुरियन 2003

ज़मीन बदली तारीख़ बदली लेकिन पाकिस्तान की किस्मत 2003 में भी नहीं बदली. इस मुक़ाबले में भी जीत भारत के नाम रही.

पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 273 रन बनाए.

इस स्कोर में ओपनर सईद अनवर का 101 रन का योगदान रहा.

पाकिस्तान की इस चुनौती के जवाब में भारत ने इस लक्ष्य को 46वें ओवर में ही चार विकेट गँवाकर हासिल कर लिया.

इस मुकाबले में सचिन ने 98 रन बनाए लेकिन वो शतक बनाने से चूक गए. युवराज सिंह ने भी इस मुक़ाबले में 50 रन का योगदान दिया.

सचिन तेंदुलकर को इस मुक़ाबले का 'मैन ऑफ़ द मैच' चुना गया.

मोहाली 2011

भारत और पाकिस्तान इस विश्व कप के सेमीफ़ाइनल में आमने सामने थे और करोड़ों लोगों की निगाहें इस मैच पर लगी हुई थीं.

भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी को भी ये मैच देखने के लिए बुलाया था.

भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 260 रनों का स्कोर खड़ा किया जिसमें सचिन तेंदुलकर के 85 रनों की अहम योगदान था.

इसके बाद पाकिस्तान की पूरी टीम अंतिम ओवर में 231 रनों पर ही सिमट गई और भारत को 29 रनों की जीत हासिल हुई.

भारत की ओर से ज़हीर ख़ान, मुनाफ़ पटेल, आशीष नेहरा, हरभजन सिंह और युवराज सिंह को दो-दो विकेट हासिल हुए.

एक बार फिर सचिन तेंदुलकर को 'मैन ऑफ़ द मैच' चुना गया.

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