'श्रीलंका बड़ी चुनौती होगी'

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Image caption फ़ाइनल में पहुंचने के बाद धोनी ने कहा कि श्रीलंका बड़ी चुनौती होगी

पाकिस्तान को हराकर फ़ाइनल में स्थान बनाने के बाद भारतीय क्रिकेट कप्तान धोनी ने कहा है कि श्रीलंका अच्छी टीम है और उसे हराना बहुत बड़ी चुनौती होगी.

धोनी ने माना कि टीम के स्पिन गेंदबाज़ उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं जितना उनसे उम्मीद की जाती है.

धोनी का कहना था, ‘‘टीम एक यूनिट के हिसाब से अच्छी हो गई है. टीम क्लिक कर रही है. कोई न कोई अच्छा खेल जाता है. इसलिए हम अपनी कमज़ोरियों की बजाय मज़बूतियों पर ध्यान दे रहे हैं.’’

पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैच में टीम के प्रदर्शन के बारे में उनका कहना था, ‘‘यह टीम की जीत है. न तो कप्तान की और न ही किसी एक खिलाड़ी की.फील्डिंग और बॉलिंग में बहुत सुधार हुआ है और आज हम दबाव में अच्छा खेले हैं.’’

स्पिन गेंदबाज़ों ख़ासकर हरभजन सिंह के बारे में पूछे जाने पर धोनी का कहना था कि टीम अब जैसी है उसी को ध्यान में रखना होगा.

श्रीलंका के बारे में उनका कहना था, ‘‘श्रीलंका न केवल अच्छी टीम है बल्कि वो अच्छा प्रदर्शन भी कर रही है.उनको हराना बड़ी चुनौती होगी. हम लोग फ़ाइनल को किसी अन्य मैच की तरह ही ले रहे हैं.’’

प्रेस कांफ्रेस में मौजूद पाकिस्तान के कप्तान शाहिद आफरीदी ने न केवल भारतीय टीम को बधाई दी बल्कि ये भी कहा कि टीम बहुत अच्छी है और अब टीम की फील्डिंग और बॉलिंग में काफ़ी सुधार हो चुका है.

दोनों देशों के मैचों में राष्ट्राध्यक्षों के मौजूद रहने और ऐसे मैच बार बार कराए जाने के बारे में आफरीदी का कहना था, ‘‘हम तो हमेशा दिल खुला रखते हैं. क्यों नहीं होने चाहिए ऐसे मैच. सबको अपने दिल के दरवाज़े खुले रखने चाहिए.’’

पाकिस्तानी तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख़्तर ने विश्व कप के बाद संन्यास लेने की घोषणा की थी. उन्हें इस मैच में नहीं खिलाए जाने के बारे में पूछे जाने पर आफरीदी ने नपा तुला जवाब दिया.

उनका कहना था, ‘‘शोएब ने बहुत मेहनत की है लेकिन मैच फिट नहीं थे इसलिए उनकी जगह वहाब को खिलाया गया और वहाब का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा.’’

आफरीदी ने भारतीय टीम के कप्तान धोनी की भी तारीफ़ की और कहा कि वो बेहतरीन कैप्टन हैं.

पाकिस्तानी टीम के बारे में उनका कहना था, ‘‘पाकिस्तान की टीम का जहां तक सवाल है तो आज हमारी टीम से किसी को उम्मीद नहीं थी सेमीफ़ाइनल तक पहुंचने की. न ही पाकिस्तान में किसी को ये उम्मीद थी. हम यहां तक पहुंचे ये अपने आप में एक उपलब्धि है.’’

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