विकेट कीपर कप्तानों का संघर्ष

  • 1 अप्रैल 2011
धोनी और संगकारा इमेज कॉपीरइट Getty
Image caption विश्व कप के इतिहास में पहली बार फ़ाइनल में दो विकेट कीपर कप्तान आमने-सामने होंगे

विश्व कप क्रिकेट के फ़ाइनल में शनिवार को जब भारत और श्रीलंका की टीमें उतरेंगी तो इस संघर्ष में दो विकेट कीपर कप्तान आमने-सामने होंगे और ये टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार होगा.

भारत के महेंद्र सिंह धोनी देश में एक बहुत बड़े स्टार हैं और न जाने कितने ही विज्ञापनों में उत्पाद का चेहरा भी, वहीं श्रीलंकाई कप्तान कुमार संगकारा एक वकील के पुत्र हैं और देश में उनकी कप्तानी क्षमता का लोहा माना जाता है.

इतना ही नहीं संगकारा टीम के एक अहम बल्लेबाज़ भी हैं और अपनी टीम की ओर से इस टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वालों की सूची में दूसरे नंबर पर हैं.

वह कप्तान, बल्लेबाज़ और विकेट कीपर की इस तिहरी भूमिका का आनंद उठा रहे हैं, "कई लोग कहते हैं कि विकेट कीपर पर पहले ही काफ़ी भार होता है और ये काफ़ी मुश्किल काम है मगर इसका अलग ही मज़ा भी है क्योंकि आप पूरे समय मैच में तल्लीन रहते हैं."

भारतीय कप्तान धोनी की भी भूमिका तिहरी ही है मगर इस टूर्नामेंट में उनका बल्ला नहीं चला है और इसे लेकर उनसे सवाल भी पूछे जाते रहे हैं. साथ ही कप्तानी को लेकर उनका रवैया औरों से अलग है.

माही और संगकारा

धोनी भारत में माही के नाम से भी जाने जाते हैं और तनावपूर्ण स्थिति हो या ख़ुशी का जश्न- अपनी भावनाओं पर क़ाबू रखते हैं. उन्हें इस बात का अहसास रहता है कि करोड़ों भारतीयों की उम्मीदें उन पर लगी रहती हैं.

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और मौजूदा मैनेजर इंतिख़ाब आलम उनके बारे में कहते हैं, "धोनी बहुत ही अच्छे कप्तान हैं और बेहद तनाव में भी वह टूटते नहीं हैं. उधर संगकारा लगातार चिंतन-मनन करने वाले कप्तान हैं और ख़ुद आगे बढ़कर नेतृत्त्व करने में यक़ीन रखते हैं."

संगकारा फ़ील्ड से बाहर भी वाक् पटु कप्तान हैं जिनके पिता ने सुनिश्चित किया कि संगकारा क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालकर वकालत भी पढ़ लें.

शुरू में तो संगकारा का रुझान टेनिस की ओर था मगर उनके कॉलेज के प्रिंसिपल ने उनकी माँ को सुझाव दिया कि वह अपने बेटे को क्रिकेट की ओर बढ़ाएँ.

महेला जयवर्द्धने के बाद हमेशा ही ये माना जाता था कि कुमार संगकारा को कप्तानी सौंपी जाएगी और ऐसा हुआ भी.

गर्लफ़्रेंड येहाली से शादी करने वाले 33 वर्षीय संगकारा के जुड़वाँ बच्चे हैं- एक बेटा और एक बेटी.

खरी बात

Image caption तेंदुलकर ने कप्तानी के लिए धोनी को अपना समर्थन दिया था

इधर 29 वर्षीय धोनी खरी बात कहने के लिए जाने जाते हैं और इस विश्व कप के दौरान मीडिया से उनकी खींचतान चल रही है.

मगर जिस तरह सेमीफ़ाइनल के दौरान वह पिच को सही ढंग से नहीं समझ पाए और उसके बाद उन्होंने इसके लिए माफ़ी भी माँगी उससे पाकिस्तान के विश्व कप विजेता कप्तान इमरान ख़ान काफ़ी प्रभावित थे.

इमरान ने कहा, "जिस तरह उन्होंने ये बात मानी कि पिच को समझने में उनसे ग़लती हुई उससे मैं काफ़ी प्रभावित हुआ."

धोनी को जब 2007 के ट्वेन्टी-20 विश्व कप से पहले टीम की कप्तानी सौंपी गई तो लोगों को काफ़ी आश्चर्य हुआ था मगर उसके बाद उनके शान्तचित्त स्वभाव और भारत के क्रिकेट सुपरस्टार सचिन तेंदुलकर की ओर से मिले समर्थन ने उनके पक्ष में काम किया.

स्टील के कारखाने में काम करने वाले पिता का ये बेटा अब अरबपति हो चुका है और पंखों से लेकर प्रॉपर्टी तक के विज्ञापनों में दिखाई देता है.

पिछले साल जब उन्होंने साक्षी से शादी की तो वो काफ़ी चौंकाने वाली ख़बर रही और उससे उनकी करोड़ों चाहने वालियों का दिल टूट गया था.

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