उफ़ ये क्रिकेट!

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लगभग एक अरब भारतीय और दो करोड़ से ज़्यादा श्रीलंकाई शनिवार को हो रहे भारत-श्रीलंका वर्ल्ड कप फ़ाइनल के लिए दिल थाम कर बैठे हैं.

दोनों देशों में मीडिया की दीवानगी और लोगों का जुनून सेर पर सवा सेर साबित हो रहा है, लेकिन इस दीवानगी के बीच कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें ये जुनून रास नहीं आता.

बीबीसी संवाददाता चार्ल्स हेविलैंड ने श्रीलंका में ऐसे ही एक ‘गैर-क्रिक्रेट प्रेमी’ से बात की और जानना चाहा कि इस हंगामे के बीच कैसी बीत रही है उनकी रोज़मर्रा ज़िंदगी.

चार्ल्स बताते हैं कि श्रीलंका के रहने वाले सैम डिसिल्वा पेशे से वेब डिज़ाइनर हैं और कभी क्रिकेट के शौकीन नहीं रहे. यहां तक कि सिर चढ़ कर बोलते क्रिकेट के इस हंगामे से वो अब तंग आ चुके हैं.

कब उतरेगा ये बुखार!

सैम कहते हैं, ''मुझे लगता है कि अंग्रेज़ ज़्यादा से ज़्यादा समय धूप में रहना चाहते थे और इसलिए उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरु किया. लेकिन मैं यह देखकर हैरान हूं कि गर्म देशों के उमस भरे मौसम में भी लोग क्रिकेट खेल कर घंटों पसीना बहाना पसंद करते हैं.''

सैम मानते हैं कि क्रिकेट से ऊबने वाले उन जैसे लोगों की संख्या बेहद कम है फिर भी वो क्रिकेट के घोर प्रशंसकों की दीवानगी देखकर हैरान हैं.

अपनी ऊब ज़ाहिर करते हुए वो कहते हैं कि श्रीलंका का हाल इस समय कुछ ऐसा है कि वो जहां जाते हैं, जिनसे मिलतें हैं वो लोग न सिर्फ क्रिकेट की चर्चा छेड़ देते हैं बल्कि हर किसी के पास आंकड़ों की लंबी फेहरिस्त मौजूद है!

सैम कहते हैं, ''हालात इतने अजीब हो गए हैं कि श्रीलंका में लोग न सिर्फ क्रिकेट की बातें करते हैं बल्कि आपसे उम्मीद करते हैं कि आप मैच सिर्फ देखें नहीं बल्कि हर संभव मौर पर खेलें भी. यहां तक कि ऑफिस ट्रिप के दौरान भी क्रिकेट खेला जाने लगा है.''

सैम को उम्मीद है कि शनिवार को विश्व कप खत्म होने के साथ क्रिकेट का ये बुखार भी उतर जाएगा.

हालांकि सैम ने माना कि शनिवार को आखिरी मैच है और विश्व कप जीतने के लिए श्रीलंकाई टीम मैदान पर होगी, इसलिए उन्होंने भी मैच देखने का मन बना लिया है.!

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