भारत 28 साल बाद फिर बना विश्व चैंपियन

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भारत ने 28 साल बाद क्रिकेट विश्व कप जीत लिया है. श्रीलंका के 274 रनों का पीछा करते हुए भारत ने छह विकेट गँवाकर ये मैच अपने नाम कर लिया.

भारतीय क्रिकेट टीम कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने छक्का मार कर क्रिकेट विश्व कप भारत के नाम किया.

और इस जीत के साथ ही भारत के कई शहरों से जश्न की ख़बरें आने लगीं. मुबंई से लेकर सिलिगुड़ी तक क्रिकेट प्रेमी सड़कों पर उतर आए.

उधर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने टीम के सभी खिलाड़ियों को एक-एक करोड़ रुपए और चयनकर्ताओं को 25-25 लाख रुपए देने का ऐलान किया.

भारत और श्रीलंका के बीच फ़ाइनल मुक़ाबला देखने पहुंची राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने रविवार को भारतीय टीम को राज भवन में एक चाय पार्टी का निमंत्रण दिया है.

इसके अलावा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भारतीय क्रिकेट टीम की जीत पर बधाई दी है.

मैच का हाल

भारत की जीत में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और गौतम गंभीर ने एक अहम भूमिका निभाई. धोनी ने 79 गेंदों में 91 रन बनाकर नॉट आउट रहे जबकि गंभीर 97 रन बनाकर वह तिसारा परेरा की गेंद पर बोल्ड हुए.

शुरुआती झटकों के बाद गौतम गंभीर और विराट कोहली मिलकर पारी को संभाल रहे थे इस साझेदारी की बदौलत भारत ने अपने 100 रन भी पूरे कर लिए थे.

लेकिन 22वें ओवर में विराट कोहली दिलशान की गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे. उन्होंने 49 गेंदों में 35 रन बनाए.

इससे पहले भारत की पारी जैसे ही शुरु हुई तो पहले ही ओवर में लसित मलिंगा की गेंद पर वीरेंदर सहवाग एलबीडब्ल्यू आउट हो गए. जबकि सातवें ओवर में मलिंगा ने सचिन तेंदुलकर को आउट कर दिया.

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Image caption जयवर्धने ने श्रीलंका के लिए नाबाद 103 रन बनाए

एक ओर जहाँ लोग सचिन से शतक की उम्मीद लगाए बैठे थे वहीं मलिंगा ने उन्हें 18 रन के स्कोर पर ही पवेलियन लौटा दिया. सचिन के आउट होते ही स्टेडियम में बैठे उनके हज़ारों प्रशंसक मानो हतप्रभ रह गए.

लेकिन फिर गंभीर और विराट कोहली ने पारी को धैर्यपूर्वक आगे बढ़ाया. दोनों के बीच 83 रनों की साझेदारी हुई. कोहली के बाद गंभीर ने कप्तान धोनी के साथ पारी को स्थायित्व देते हुए टीम को जीत की ओर बढ़ाया और दोनों ने 91 रन जोड़े.

इसके बाद विराट कोहली दिलशान के हाथों में कैच दे बैठे. एक बार लगा कि भारतीय पारी मुसीबत में आ गई है लेकिन कप्तान धोनी ने धैर्य से खेलते हुए टीम को जीत दिलाई.

इस विश्व कप में अब तक अपने बल्ले से ज़्यादा कमाल नहीं दिखा पाए धोनी ने फ़ाइनल में एक बेहतरीन पारी खेलते हुए 91 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली.

जयवर्धने का शतक

पहले बल्लेबाज़ी करते हुए श्रीलंका ने छह विकेट के नुक़सान पर 274 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया और इसमें महेला जयवर्द्धने के शतक की अहम भूमिका रही.

भारत पर बैटिंग पावर प्ले भारी पड़ा और श्रीलंका ने अंतिम पाँच ओवरों में 63 रन जोड़े. शुरू के पाँच ओवरों में छह रन देने वाले ज़हीर ख़ान ने अंतिम पाँच ओवरों में 54 रन दिए और उसमें भी अंतिम दो ओवरों में 35 रन.

इस स्कोर तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाने वाली दूसरी पारी तिसारा परेरा की रही जिन्होंने नौ गेंदों में तीन चौके और एक छक्का मारकर 22 रन जोड़ दिए.

वैसे इस टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली श्रीलंका की सलामी जोड़ी भारत के विरुद्ध कुछ ख़ास नहीं कर सकी. पहले ज़हीर ख़ान ने उपुल तरंगा को विकेट के पीछे पहली स्लिप में वीरेंदर सहवाग के हाथों कैच आउट करा दिया.

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Image caption दिलशान ने इस टूर्नामेंट में कुल 500 रन बनाए हैं

उस समय श्रीलंका का स्कोर 17 रन था और ये विकेट सातवें ओवर में गिरा. उसके बाद टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले तिलकरत्ने दिलशान हरभजन सिंह की एक गेंद पर बोल्ड हो गए. उन्होंने 33 रन बनाए थे, इस तरह टूर्नामेंट में उनका कुल स्कोर 500 रन रहा.

श्रीलंका का दूसरा विकेट 60 के स्कोर पर गिरा था जिसके बाद कप्तान संगकारा ने महेला जयवर्द्धने के साथ मिलकर 62 रन और जोड़े. उसके बाद युवराज सिंह की एक गेंद खेलने के चक्कर में संगकारा का कैच विकेट के पीछे धोनी ने लपक लिया.

संगकारा 48 रन बनाकर आउट हुए. इसके बाद जयवर्द्धने ने समरवीरा के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 57 रनों की साझेदारी की और तभी युवराज की गेंद पर समरवीरा 21 रन बनाकर एलबीडब्ल्यू हो गए.

अगले खिलाड़ी चमारा कपुगडेरा अभी रुककर पिच को समझते कि अगले ही ओवर में ज़हीर ख़ान की गेंद पर उनका कैच शॉर्ट एक्स्ट्रा कवर पर सुरेश रैना ने लपक लिया.

श्रीलंका के लिए हुई कई प्रमुख साझेदारियों में जयवर्द्धने के साथ नुवान कुलसेकरा की भी पारी रही जिन्होंने 66 रन जोड़े और कुलसेकरा ने 30 गेंदों में 32 रन बनाए, जिसमें एक चौका और एक छक्का शामिल था.

टॉस की अनिश्चितता

इससे पहले टॉस को लेकर एक बार अनिश्चितता की स्थिति बन गई थी क्योंकि पहली बार जब सिक्का उछाला गया तो मैच रेफ़री सुन नहीं पाए कि कुमार संगकारा ने क्या कहा.

उसके बाद दोबारा टॉस करना पड़ा और श्रीलंकाई कप्तान कुमार संगकारा ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया.

भारत ने सेमीफ़ाइनल में खेले आशीष नेहरा की जगह एस श्रीसंत को टीम में शामिल किया था. नेहरा के घायल होने के बाद आर अश्विन को शामिल किए जाने की चर्चा थी मगर ऐसा नहीं हुआ.

श्रीलंका ने एंजेलो मैथ्यूज़, अजंता मेंडिस, रंगना हेरात और चमारा सिल्वा की जगह तिसारा परेरा, सूरज रंदीव, नुवान कुलसेकरा और चमारा कपुगडेरा को शामिल किया है.

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