श्रीलंका की टीम का स्वागत

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Image caption कोलम्बो में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम का ज़ोरदार स्वागत हुआ

श्रीलंका की क्रिकेट टीम विश्वकप लेकर तो नहीं लौटी लेकिन दसियों हज़ार लोगों ने उसका भावभीना स्वागत किया.

अपने प्रिय क्रिकेट खिलाड़ियों के स्वागत के लिए लोग सड़कों के किनारे जमा थे.

कड़ी सुरक्षा के बीच श्रीलंकाई टीम एक बस में सवार होकर जब कोलम्बो की सड़कों से होकर गुज़री तो स्कूल के बच्चों ने राष्ट्रीय ध्वज हिलाकर उनका मनोबल बढ़ाया.

बाद में आज़ादी चौक पर ढोल वादकों और नर्तकों ने उनका रंग बिरंगा स्वागत किया.

श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने कप्तान कुमार संगकारा को सांत्वना दी और आशा व्यक्त की कि टीम अगली बार और अच्छा खेलेगी.

राष्ट्रपति अपनी टीम का समर्थन करने के लिए फ़ाइनल मैच देखने मुम्बई गए थे.

उन्होने कहा, "हमें अपनी टीम पर गर्व होना चाहिए कि उसने श्रीलंका को फ़ाइनल तक पहुंचाया".

दो बार फ़ाइनल तक पहुंची

शनिवार को मुम्बई के वानखेड़े स्टेडियम में हुए विश्वकप फ़ाइनल में भारत ने श्रीलंका को छ विकिट से हराकर दूसरी बार विश्वकप जीत लिया था.

पिछले विश्वकप में भी श्रीलंका की टीम फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार गई थी.

श्रीलंका के कप्तान कुमार संगकारा ने कहा, "ये बहुत ही निराशाजनक है कि 2007 और 2011 में हम फ़ाइनल तक पहुंचे लेकिन विजयी न हो सके".

"इसका मतलब ये हुआ कि हम क्रिकेट तो अच्छी खेल रहे हैं हम दुनिया की बेहतरीन टीमों का मुक़ाबला कर रहे हैं लेकिन हमें इसे जीत में बदलने की ज़रूरत है".

संगकारा पिछले दो साल से श्रीलंकाई टीम की कप्तानी कर रहे हैं.

उन्होने कहा कि उन्हे अपने भविष्य के बारे में सोचने के लिए कुछ समय चाहिए.

उन्होने आज़ादी चौक में जमा हुए पत्रकारों से कहा, "अगले एक दो सप्ताह में मैं अपने भविष्य के बारे में फ़ैसला कर लूंगा".

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