'इतना तो कभी स्कूल में फ़ेल होने पर भी नहीं रोया'

  • 4 अप्रैल 2011
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Image caption 2011 विश्व कप में बेहतरीन प्रर्दशन के लिए युवराज सिंह मैन ऑफ़ द सीरीज़ चुने गए.

भारत के क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने के तुरंत बाद मैदान पर एक भावुक युवराज सिंह को करोड़ो लोगों ने देखा. युवराज की माने तो इतना तो वो कभी किसी इम्तिहान में फ़ेल होने पर भी नहीं रोए.

विजेता भारतीय टीम के लिए राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल की चाय पार्टी में पत्रकारों द्वारा उस भावुक क्षण की याद दिलाने पर युवराज ने कहा, “वर्ल्ड कप जीते हैं, हमारा सपना पूरा हुआ है. वो इतना भावुक क्षण था कि व्यक्ति भावुक हो ही जाता है. इसमें कोई ख़राब बात नहीं है. इतना तो मैं कभी स्कूल में फ़ेल होने पर नहीं रोया जितना जीत के बाद रोया.”

ये दूसरा मौका है जब भारत ने विश्व कप जीता है. 1983 में कपिल देव की कप्तानी में भारत ने पहली बार ये कारनामा कर दिखाया था. इस बारे में युवराज का कहना था, “भारत में हमेशा क्रिकेट और क्रिकेटर्स को पूजा गया है. हमें अब समझ में आ रहा है कि विश्व कप जीतना कितना ख़ास है. हमें महसूस हो रहा है कि 1983 में विश्वकप जीतना पूरे देश के लिए क्या मायने रखता था और इसका श्रेय टीम को देना चाहिए.”

विराट कोहली

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Image caption विराट कोहली के लिए वर्ल्ड कप के अपने पहले ही मैच में शतक बनाना सबसे यादगार लम्हा है.

युवा खिलाड़ी विराट कोहली का ये पहला वर्ल्ड कप था हालांकि वो 2008 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान भी थे. विराट मौजूदा जीत के एहसास को हमेशा संजोकर रखना चाहते हैं.

इस जीत के अलावा उनके लिए टूर्नामेंट का सबसे यादगार लम्हा अपना पहला मैच था. विराट कहते हैं, “मेरे लिए अपने पहले वर्ल्ड कप के पहले ही मैच में शतक बनाना सबसे यादगार लम्हा रहेगा. इसके अलावा पाकिस्तान के ख़िलाफ़ सेमीफ़ाइनल में जीतना भी ख़ास क्षण था.”

एस श्रीसंत

आठ अप्रैल से शुरु हो रहे आईपीएल के चौथे सीज़न में नई टीम कोच्चि टस्कर्स केरला का हिस्सा श्रीसंत इसे अपना सौभाग्य मानते हैं कि वो भारतीय टीम का हिस्सा बन सके.

वर्ल्ड कप शुरु होने से ठीक पहले चोटिल प्रवीण कुमार की जगह टीम में शामिल किए गए एस श्रीसंत ने फ़ाइनल समेत पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ़ दो ही मैच खेले. हालांकि दोंनो ही मैचों में उनकी बॉलिंग बहुत मंहगी साबित हुई.

श्रीसंत कहते हैं, “भगवान का शुक्र है कि मैं भारतीय टीम का हिस्सा बन सका. भारत का विश्वकप जीतना किसी भी आईपीएल से बड़ा है और फिलहाल तो मेरा पूरा ध्यान इस जीत का मज़ा लेने पर है. मैं अभी आईपीएल के बारे में नहीं सोच रहा.”

भगवान का शुक्र है कि मैं टीम का हिस्सा बन सका.”

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