'सचिन 200 प्रतिशत भारत रत्न के हक़दार'

  • 6 अप्रैल 2011
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Image caption धोनी ने विश्व कप से पहले ही कहा था कि वह सचिन तेंदुलकर के लिए ये विश्व कप जीतना चाहते हैं

भारत को विश्व कप दिलाने वाली क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न दिए जाने के दो सौ प्रतिशत पक्ष में हैं.

सचिन को ये सम्मान देने की माँग काफ़ी पहले से होती रही है मगर विश्व कप जीतने के बाद से ये और ज़ोर पकड़ रही है. इससे अभी एक ही दिन पहले महाराष्ट्र विधानसभा की ओर से भी इस बारे में एक प्रस्ताव पारित किया गया है.

इंडियन प्रीमियर लीग के चौथे संस्करण में हिस्सा लेने चेन्नई पहुँचे धोनी ने कहा, "सचिन भारत रत्न के लिए 200 प्रतिशत सबसे आदर्श प्रत्याशी हैं. उन्होंने 21 वर्षों तक देश की सेवा की है और अभी आने वाले कुछ और वर्षों तक करेंगे."

इतना ही नहीं धोनी मानते हैं कि अगर सचिन को नहीं मिला तो किसी भी क्रिकेटर को भारत रत्न नहीं मिल सकता.

उन्होंने कहा, "बतौर क्रिकेटर अगर सचिन को भारत रत्न नहीं मिलता तो मुझे नहीं लगता कि कभी भी किसी क्रिकेटर को ये सम्मान मिलेगा. उन्होंने क्रिकेट को एग नए स्तर तक पहुँचाया है और जहाँ लोग क्रिकेट के बारे में ज़्यादा नहीं जानते वहाँ भी सचिन को वो जानते हैं."

सर्वश्रेष्ठ कप्तान

इससे पहले सचिन ने धोनी को सर्वश्रेष्ठ कप्तान बताया था जिसके साथ उन्होंने क्रिकेट खेला है. इस बारे में पूछे जाने पर धोनी ने कहा, "मेरे लिए ये बहुत ही ख़ुशी की बात है कि सचिन ने मेरे बारे में ये बात कही है."

उन्होंने कहा, "सचिन की ही तरह मैं भी देश की सेवा कर रहा हूँ. मुझे जो भी काम दिया गया है मैंने उसे पूरी ईमानदारी से करने की कोशिश की है. मुझे ख़ुशी है कि सचिन को मेरे साथ खेलकर अच्छा लगा है."

वैसे धोनी को भारतीय टीम के कोच का पद छोड़ रहे गैरी कर्स्टन ने भी सर्वश्रेष्ठ कप्तान बताया था और अब टीम को नए कोच की ज़रूरत होगी.

धोनी का मानना है कि नए कोच के लिए अब बहुत ही ऊँचे मानदंड तय हो चुके हैं.

उन्होंने कहा, "अब जो भी आएगा उसके लिए ये काम आसान नहीं होगा क्योंकि अब मानदंड काफ़ी ऊँचे तय हो चुके हैं. मुझे पूरा विश्वास है कि गैरी भी भारतीय टीम को मिस करेंगे."

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