पाकिस्तान और अकरम के प्रशंसक बोल्ट

  • 15 अप्रैल 2011
सादिकी बोल्ट
Image caption यूसैन बोल्ट के भाई सादिकी का रुझान क्रिकेट की ओर है

दुनिया के सबसे तेज़ धावक यूसैन बोल्ट की पसंदीदा क्रिकेट टीम पाकिस्तान और खिलाड़ी वसीम अकरम थे.

तेज़ गेंदबाज़ रहे यूसैन ख़ुद भले ही क्रिकेट से निकलकर एथलेटिक्स ट्रैक के बादशाह बन गए हों मगर उनके छोटे भाई सादिकी क्रिकेटर ही बनना चाहते हैं.

सादिकी जमैका की राजधानी में मेलबर्न क्रिकेट क्लब में प्रैक्टिस करते हैं. ये वही क्लब है जहाँ से वेस्टइंडीज़ को माइकल होल्डिंग और कर्टनी वॉल्श जैसे तेज़ गेंदबाज़ मिले.

मगर यूसैन का ये भाई तेज़ गेंदबाज़ नहीं बल्कि नंबर तीन पर उतरने वाला बल्लेबाज़ है.

बीबीसी स्पोर्ट्स से बात करते हुए सादिकी इस बारे में कहते हैं, "क्रिकेट मेरा जुनून है. मुझे क्रिकेट बेहद पसंद है. इससे मुझे काफ़ी आराम भी मिलता है. आप अगर ज़िंदग़ी में वो कर सकें जो आपको पसंद हो और उससे कुछ कमाई भी हो जाए तो ये काफ़ी अच्छा होता है."

टीम की आस

वैसे सादिकी जब क्रीज़ पर उतरते हैं तो वह निराश नहीं करते. ज़बरदस्त शॉट्स के साथ वो गेंद को मैदान के अलग-अलग हिस्सों में पहुँचाते हैं. मगर चौके-छक्के पारी के अंत में लगाते हैं.

चौबीस साल के सादिकी वेस्टइंडीज़ के लिए खेलना चाहते हैं मगर जानते हैं कि उसके लिए उन्हें पहले जमैका की टीम में शामिल होना पड़ेगा.

ये एक बड़ी चुनौती है मगर उन्हें विश्वास है कि वह ये पा सकते हैं.

वैसे इस द्वीप में क्रिकेट के भविष्य को लेकर वह चिंतित भी हैं. वहाँ क्रिकेट को लेकर किसी तरह का फ़ंड नहीं मिल पाने की वजह से युवा क्रिकेटर दूसरे खेलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं.

वह कहते हैं, "यहाँ प्रतिभा तो काफ़ी है मगर हमें प्रायोजकों की ज़रूरत है जो इन संसाधनों पर काम कर सके. दुनिया में भले ही अब ट्वेन्टी-20 की चर्चा रहती हो मगर हमारे पास तो दूधिया रोशनी के साधन भी नहीं हैं जिससे रात में क्रिकेट खेल सकें."

क्रिकेटर यूसैन

Image caption तेज़ धावक यूसैन बोल्ट की क्रिकेट में रुचि रही है और वह तेज़ गेंदबाज़ हैं

वैसे सादिकी यूसैन के बहुत बड़े प्रशंसक हैं और उनके क्रिकेटर वाले पहलू की चर्चा करते हुए कहते हैं, "वह एक अच्छे क्रिकेटर हैं. उनकी गेंदें काफ़ी तेज़ होती हैं." मगर वह ख़ुद को ही बेहतर क्रिकेटर मानते हैं.

अंदरूनी जानकारी देते हुए सादिकी कहते हैं, "जब वह बड़े हो रहे थे तो उनकी पसंदीदा टीम पाकिस्तान थी. वह वेस्टइंडीज़ का समर्थन तो करते थे मगर वसीम अकरम के बहुत बड़े प्रशंसक थे. उन्हें वह बेहद पसंद थे."

सादिकी यूसैन के बारे में काफ़ी स्नेह से बात करते हुए कहते हैं, "उन्होंने हम लोगों को दुनिया में एक पहचान दी है. अब पर्यटक यहाँ आते हैं उनसे मिलने के लिए."

साथ ही सादिकी की सलाह अपने बड़े भाई के लिए यही रहती है कि उन्हें कड़ी मेहनत करते रहना चाहिए क्योंकि अगर उन्होंने कड़ी मेहनत नहीं की तो उन्हें ज़िंदग़ी में कुछ नहीं हासिल होगा.

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