स्टेडियमों के इस्तेमाल पर बनी योजना

  • 15 अप्रैल 2011
राष्ट्रमंडल खेल
Image caption राष्ट्रमंडल खेलों के लिए बने स्टेडियम लोगों के लिए अब खोल दिए गए हैं

खेल मंत्रालय ने राष्ट्रमंडल खेलों के लिए तैयार हुए स्टेडियमों के अब इस्तेमाल से जुड़ी एक योजना सामने रखी है जिसके तहत खेलों और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने की कोशिश की गई है.

'आओ और खेलो' नाम से बनाई गई इस योजना के तहत भारतीय खेल प्राधिकरण या साई के स्टेडियम स्कूली बच्चों, खिलाड़ियों और आम लोगों के लिए खोले जाएँगे.

खेल मंत्री अजय माकन ने बताया है कि जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम और तालकटोरा तैराकी परिसर को 'सेंटर ऑफ़ एक्सिलेंस' के हिसाब से फ़ुटबॉल और तैराकी के लिए विकसित किया जाएगा. इनमें से नेहरू स्टेडियम फ़ुटबॉल के एक मुख्य केंद्र के तौर पर विकसित होगा.

माकन के अनुसार साई इन स्टेडियमों में 70 कोच नियुक्त करेगा जिससे बच्चों को सही प्रशिक्षण दिया जा सके.

राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान इस बात को लेकर काफ़ी बहस होती रही थी कि खेलों के बाद इन स्टेडियमों का इस्तेमाल कैसे होगा और खेलों की विरासत क्या रहेगी.

इमेज कॉपीरइट other
Image caption श्यामा प्रसाद मुखर्जी तैराकी परिसर में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी

योजना के मुताबिक़ जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में एथलेटिक्स, भारोत्तोलन, फ़ुटबॉल और वॉलीबॉल खेला जाएगा तो कर्णी सिंह शूटिंग रेंज निशानेबाज़ी के लिए इस्तेमाल होगी.

मेजर ध्यान चंद राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में हॉकी और क्रिकेट का प्रशिक्षण दिया जाएगा जबकि इंदिरा गाँधी इंडोर स्टेडियम में जिम्नास्टिक्स, टेबल टेनिस और बैडमिंटन का प्रशिक्षण होगा.

केडी जाधव कुश्ती स्टेडियम कुश्ती, मुक्केबाज़ी, जूडो और बास्केटबॉल के लिए इस्तेमाल होगा.

शुल्क

ये स्टेडियम सभी आयु वर्ग के लिए होंगे और अलग-अलग आयु वर्ग के लिए समय भी निर्धारित किया गया है. प्रशिक्षण लेने वाले तीन महीने से लेकर एक साल तक के लिए रजिस्टर हो सकते हैं.

इन स्टेडियमों के लिए शुल्क 75 रुपए प्रति माह से लेकर 500 रुपए के बीच है. मंत्रालय के अनुसार शुल्क जानबूझकर कम रखा गया है जिससे इसका व्यापक तौर पर इस्तेमाल हो सके.

इमेज कॉपीरइट Other
Image caption खेल मंत्री अजय माकन ने ये योजना सामने रखी है

ग़रीबी रेखा से नीचे के लोगों के लिए ये सुविधाएँ निःशुल्क होंगी मगर उनके लिए सीटें कुल सीटों की 10 प्रतिशत रखी जाएँगी. साथ ही सरकारी स्कूल के बच्चों को एक तिहाई शुल्क पर ये सुविधाएँ मिलेंगी.

सदस्यता

अर्जुन और द्रोणाचार्य पुरस्कार पाने वालों, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और पिछले तीन वर्ष के राष्ट्रीय पदक विजेताओं को मुफ़्त में इन स्टेडियमों में सदस्यता मिलेगी.

साई अधिक से अधिक खेलों के लिए कोच उपलब्ध कराने की कोशिश करेगा. साथ ही हर प्रशिक्षु के प्रदर्शन पर लगातार नज़र रखी जाएगी और अच्छा प्रदर्शन करने वाले बच्चों को स्कॉलरशिप देने का भी प्रावधान होगा.

खेल मंत्रालय ने स्टेडियमों के इस्तेमाल पर एक योजना तैयार करने का काम सुश्री पीटी उषा, बाइचुंग भूटिया, एमसी मैरीकॉम और दिलीप टिर्की जैसे खिलाड़ियों की एक समिति को सौंपा था.

मंत्रावय के अनुसार ये योजना उस समिति की सिफ़ारिशों पर आधारित है.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार