इंडियन ओपन में साइना पर निगाहें

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Image caption साइना नेहवाल का कहना है कि उनकी एड़ी की चोट अब ठीक हो चुकी है

भारत में अब तक का सबसे बड़ा बैडमिंटन टूर्नामेंट मंगलवार से दिल्ली में शुरू हो रहा है जहाँ भारतीय खेल प्रेमियों की उम्मीदें स्टार खिलाड़ी साइना नेहवाल पर लगी होंगी.

पुरुषों के वर्ग में मलेशिया के ली चोंग वेई और इंडोनेशिया के तौफ़ीक हिदायत पर सभी की निगाहें लगी होंगी.

इंडियन ओपन बैडमिंटन सुपर सिरीज़ 26 अप्रैल से एक मई के बीच आयोजित हो रहा है.

टूर्नामेंट से पहले साइना की एड़ी में चोट की ख़बरें थीं मगर बीबीसी से विशेष बातचीत में साइना ने बताया कि उन्होंने इस चोट की दवाई ली है और अब वह काफ़ी बेहतर हैं.

इस टूर्नामेंट में चीनी खिलाड़ी हिस्सा नहीं ले रहे हैं जिसे देखते हुए साइना के सामने सबसे कड़ी चुनौती डेनमार्क की टाइन बॉन से आ सकती है.

वैसे साइना चीनी खिलाड़ियों के नहीं आने को ज़्यादा अहमियत नहीं देतीं, "चीनी खिलाड़ियों के आने या न आने से अब वैसा फ़र्क़ नहीं पड़ता क्योंकि अब दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी अच्छे बैडमिंटन खिलाड़ी हैं."

दुनिया की नंबर चार खिलाड़ी साइना को इस टूर्नामेंट में शीर्ष वरीयता हासिल है.

ज्वाला-अश्विनी

Image caption ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा से महिला युगल में भारत को उम्मीद होगी

भारतीय बैडमिंटन प्रेमी महिला युगल पर भी नज़रें रखेंगे जहाँ राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता जोड़ी भारत की ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा मुक़ाबले में उतरेगी.

ज्वाला ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में अपनी तैयारियों पर संतोष जताते हुए कहा, "अश्विनी और मैंने अपने खेल पर काफ़ी मेहनत की है और इस महीने की एशियाई बैडमिंटन चैंपियनशिप में भी हमने इसीलिए हिस्सा नहीं लिया क्योंकि हम अपने देश में होने वाले इस बड़े आयोजन पर ध्यान लगाना चाहते थे."

ज्वाला भी मानती हैं कि चीनी खिलाड़ियों के नहीं आने से उतना असर नहीं पड़ेगा क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देशों से मुक़ाबला ज़्यादा कड़ा होता है.

पुरुषों के वर्ग में चीन के लिन दान के नहीं होने से मलेशियाई ली चोंग वेई काफ़ी राहत की साँस लेंगे.

ली को कड़ी चुनौती इंडोनेशियाई तौफ़ीक हिदायत से ही मिल सकती है मगर वो भी टूर्नामेंट में आगे जाकर और शुरुआती दौर में उनके सामने दक्षिण कोरियाई ली ह्युन-इल और थाईलैंड के बूनसक पोनसाना मुक़ाबले में होंगे.

भारतीय आयोजक उम्मीद कर रहे हैं कि दिल्ली में इस स्तर के आयोजन से देश में इस खेल के प्रति आकर्षण और बढ़ेगा.

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