'स्टिंग' पर विचार किया था आईसीसी ने

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Image caption लॉरगेट का कहना है कि वो फिक्सिंग को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारुन लॉरगेट ने कहा है कि मैच फिक्सिंग में खिलाड़ियों की संलिप्तता का पता लगाने के लिए ‘स्टिंग’ आपरेशन पर विचार किया गया था.

दक्षिण अफ्रीका के लॉरगेट ने बीबीसी के हार्डटॉक कार्यक्रम में कहा कि आईसीसी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से भ्रष्टाचार और फिक्सिंग की समस्या को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है.

हालांकि लॉरगेट ने स्टिंग की बजाय मिस्ट्री शॉपर (छुप कर काम करने वाला) शब्द का प्रयोग किया और कहा कि इसके ज़रिए फिक्सिंग को हटाने में मदद मिल सकती है.

उनका कहना था, ‘‘पिछले साल जब फिक्सिंग का मुद्दा उठा था तो हमने सोचा था कि मिस्ट्री शॉपर का इस्तेमाल किया जाए जिससे फिक्सिंग को ख़त्म करने में मदद मिले.’’

विरोध

लॉरगेट का कहना था, ‘‘दूसरे शब्दों में कुछ लोग सटोरिए बन कर खिलाड़ियों से मिलते और देखते कि क्या ये खिलाड़ी आचार संहिता का पालन कर रहे हैं या नहीं. इससे सच्चाई सामने आ जाती.’’

हालांकि लॉरगेट ने माना कि इस प्रस्ताव का विरोध किया गया था.

उनका कहना था, ‘‘हमें इस मामले पर खिलाड़ियों के संघों की अनुमति लेनी थी लेकिन संघों ने इसका विरोध किया क्योंकि उनका मानना था कि ये एक किस्म की साज़िश होगी जिसमें खिलाड़ियों को फंसाया जाएगा. खेल संघ इससे ख़ुश नहीं थे.’’

उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते खेल मामलों की जानी मानी पत्रिका स्पोर्ट्स इलस्ट्रेटेड इंडिया ने फिक्सिंग पर कहानी करते हुए स्पष्ट किया था कि अब भी क्रिकेट में ज़बरदस्त फिक्सिंग हो रही है.

कुछ दिनों पहले श्रीलंका के खिलाड़ी हसन तिलकरत्ने ने कहा था कि क्रिकेट में उनके समय में बड़े पैमाने पर श्रीलंका के खिलाड़ी मैच फिक्सिंग में लिप्त थे.

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