बैडमिंटन में स्कर्ट का नियम रद्द

  • 30 मई 2011
अश्विनी चिनप्पा और ज्वाला घुट्टा इमेज कॉपीरइट Getty
Image caption कई भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी स्कर्ट की जगह शॉर्ट्स ही पहनती हैं

विश्व बैडमिंटन फेडरेशन ने उस विवादास्पद नए नियम को रद्द कर दिया है जिसके तहत महिला खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं के दौरान स्कर्ट पहनना अनिवार्य कर दिया गया था.

बीडब्ल्यूएफ का कहना है कि वो ये नया नियम लाना चाहते थे ताकि बैडमिंटन को ग्लैमराइज़ किया जा सके. लेकिन कुछ महिला खिलाड़ियों ने इसकी कड़ी आलोचना की थी.

स्कॉटलैंड की खिलाड़ी इमोगेन बैंकियर ने इस योजना की कड़ी निंदा की थी. भारत की भी कुछ बैडमिंटन खिलाड़ियों ने स्कर्ट पहनने के नियम पर नाराज़गी जताई थी.

इमोगेन ने कहा था कि अगर लोग स्कर्ट में ही लड़कियों को देखना चाहते हैं तो वो बैडमिंटन के मैदान पर नहीं बल्कि कहीं और जाएंगे.

ये नियम अब लागू होने से पहले ही रद्द हो गया है.

बीडब्ल्यूएफ ने एक बयान जारी कर कहा, ‘‘ हम विभिन्न बैडमिंटन समितियों की इस सिफारिश को स्वीकार करते हैं कि महिलाओं के कपड़ों के बारे में नियमों पर और अध्ययन किया जाए और तब तक स्कर्ट पहनने संबंधी नए नियम को लागू न किया जाए.’’

पूर्व विश्व चैंपियन नोरा पेरी बीडब्ल्यूएफ में महिलाओं का प्रतिनिधित्व करती हैं.

उनका कहना था कि काउंसिल चाहती है कि खेल को और अच्छे ढंग से पेश किया जाए और इस बारे में पुरुषों और महिलाओं की राय ली जाएगी और आगे इस पर बात होगी.

इन संस्थाओं में खिलाड़ियों का पक्ष रखने वाले एथलीट्स कमीशन ने भी स्कर्ट संबंधी नियम पर आपत्ति जताई थी.

ये नियम 1 जून से लागू होने वाला था.

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