'एक बम जो फटने को उतावला था'

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विश्व कप के मैन ऑफ़ दी टूर्नामेंट युवराज सिंह ने कहा है कि फ़ाइनल से पहले कप्तान धोनी “एक ऐसे बम की तरह नज़र आ रहे थे जो फटने को उतावला हो.”

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की त्रैमासिक पत्रिका के नवीनतम अंक में युवराज ने लिखा है कि धोनी फ़ाइनल से पहले ज़्यादा रन नहीं बना पाए थे लेकिन वो अभ्यास करते रहे और उन्होंने एक भी प्रैक्टिस सेशन नहीं छोड़ा.

उनका कहना था, “उन्हें नेट प्रैक्टिस करते देखकर लगता था जैसे वो एक बम हों जो फटने को उतावला हो.”

युवराज ने लिखा है: “मुझे खुशी है कि उन्होंने फ़ाइनल में ‘विस्फोट’ किया, उसके पहले नहीं !”

युवराज का कहना है कि धोनी बल्लेबाज़ी के क्रम में उनसे पहले उतरे क्योंकि वो पिच पर लेफ़्ट-राईट की जोड़ी बनाए रखना चाहते थे. और फिर उन्होंने अपनी ज़िंदगी की बेहतरीन पारी खेली.”

फ़ाइनल में धोनी ऐसे समय में मैदान पर उतरे थे जब भारत 275 रनों के लक्ष्य का पीछा करता हुआ 114 रनों पर तीन विकेट गंवा चुका था.

पानी में मछली

धोनी ने गौतम गंभीर (97) और युवराज (21) के साथ मिलकर मात्र 79 गेंदों में 91 रन बनाए जिसमें जीत के लिए लगाया गया छक्का भी शामिल था.

युवराज ने लिखा है कि धोनी दबाव को उसी तरह से लेते हैं “जैसे मछली पानी में उतरती है” और वो भाग्यशाली हैं कि वो वहां मौजूद थे जब धोनी ने जीत का छक्का लगाया.

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Image caption युवराज ने लिखा है कि वो भाग्यशाली हैं कि वहां मौजूद थे जब धोनी ने जीत का छक्का मारा.

जीत के बारे में कप्तान धोनी ने लिखा है कि उनकी टीम के लिए विश्व कप का निर्णायक मोड़ ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ मिली जीत थी. फ़ाइनल में जीत के लिए लगाए गए छक्के के बारे में उन्होंने लिखा है: “उस शॉट में ऐसा कुछ खास नहीं था. बस ये था कि वो गेंद ऐसी थी जिसे मारा जा सकता था..मैने गेंद को पूरी तरह से देखा, घूमा और बल्ले के साथ कनेक्ट कर दिया.”

धोनी ने पत्रिका में युवराज और ज़हीर ख़ान के प्रदर्शन की ख़ास तौर से तारीफ़ की है.

उन्होंने कहा कि वो युवराज को 2010 के बुरे प्रदर्शनों के दौर के समय उत्साहित करते रहे थे और आख़्रिर में युवराज क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर चमके.

ज़हीर के बारे में उन्होंने लिखा है कि उनके लिए कोई तारीफ़ बड़ी नहीं हो सकती. वहीं सचिन ने लिखा है कि जब धोनी ने जीत का छक्का जड़ा तो जो अनुभव था उसे शब्दों में नहीं पिरोया जा सकता.

उन्होंने लिखा है: “जब टीम के सदस्यों ने जीत को मेरे नाम कर दिया तो वो काफ़ी छूनेवाली बात थी. वो ऐसे पल थे जिन्हें मैं कभी नहीं भूल पाउंगा.”

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