भारतीय खिलाड़ियों पर रोक

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Image caption श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के एक अधिकारी का कहना है कि भारतीय खिलाड़ियों की मौजूदगी से ग्लैमर बढ़ता है.

श्रीलंका में अगले महीने से शुरू हो रहे ट्वेंटी-20 मुक़ाबले को लेकर भारत और श्रीलंका के क्रिकेट अधिकारियों के बीच एक विवाद छिड़ गया है.

भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने भारत के 12 खिलाड़ियों को इसमें भाग लेने से मना कर दिया है क्योंकि उनके अनुसार ये टूर्नामेंट कोई निजी कंपनी आयोजित कर रही है.

श्रीलंका के क्रिकेट अधिकारी इससे इंकार कर रहे हैं.

इसके पहले भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने आईपीएल मुक़ाबले से श्रीलंका के खिलाड़ियों को वापस भेजने से इंकार कर दिया था. श्रीलंका के खिलाड़ियों को इंग्लैंड दौरे की तैयारी के लिए देश लौटना था.

ख़बरों के अनुसार पहले भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने कहा था कि यदि किसी अंतरराष्ट्रीय या घरेलू मुक़ाबले में उनकी ज़रूरत नहीं हो तो उन्हें 19 जुलाई से शुरू होने वाली श्रीलंका प्रीमियर लीग में भारतीय खिलाड़ियों के भाग लेने पर कोई एतराज़ नहीं है.

लेकिन शनिवार को भारतीय बोर्ड ने एलान किया कि वो अपने खिलाड़ियों को श्रीलंका में हो रहे मुक़ाबले में भाग नहीं लेने देगा क्योंकि “इसका आयोजन एक निजी गुट कर रहा है.”

श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के अधिकारी निशांता राणातुंगा ने ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो को बताया कि इस ट्वेंटी-20 मुक़ाबले को श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने हरी झंडी दी है.

आहत

उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट के कमर्शियल अधिकार सिंगापुर स्थित एक कंपनी को मिले हैं और इस कंपनी ने टेंडर के ज़रिए इसे हासिल किया है.

राणातुंगा का कहना था कि श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड भारत के फ़ैसले से “आश्चर्यचकित और आहत” है.

उन्होंने कहा, “हमें पूरी बात भारतीय बोर्ड को समझानी होगी और उनके जो भी सवाल हैं उनके जवाब देने होंगे. हमारे लिए भारतीय खिलाड़ियों का होना बेहद अहम है क्योंकि उनकी वजह से टूर्नामेंट की अहमियत बढ़ती है और ग्लैमर भी बढ़ता है.”

भारत के जिन 12 खिलाड़ियों को शामिल होना था उनमें प्रवीण कुमार, मुनाफ़ पटेल, इरफ़ान पठान, दिनेश कार्तिक, आर अश्विन और रवींद्र जडेजा का भी नाम है.

इसमें क्रिस गेल, किरोन पोलार्ड, शाहिद अफ़रीदी, डैनियल विटोरी, केविन ओ ब्रायन और हर्शेल गिब्स जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी भाग ले रहे हैं.

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