रिकॉर्ड बदलने की होगी कोशिश

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Image caption राहुल द्रविड़ ने जमैका टेस्ट में बेहतरीन शतक जमाया था

वेस्टइंडीज़ के विरुद्ध जमैका में मिली जीत के बाद भारत मंगलवार से बारबाडोस में शुरू हो रहे टेस्ट में ऊँचे मनोबल के साथ उतरेगा हालाँकि वहाँ भारत आज तक एक भी टेस्ट नहीं जीता है.

इस मैदान पर भारत आठ में से सात मैच हारा है और एक मैच ड्रॉ रहा है मगर भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को उम्मीद होगी कि उनके भाग्य और टीम के प्रदर्शन के सहारे वो ये रिकॉर्ड बदल सकेंगे.

भारत ने जमैका टेस्ट में 63 रनों से जीत हासिल की थी मगर उसमें वेस्टइंडीज़ के बल्लेबाज़ों की विफलता काफ़ी बड़े पैमाने पर दिखाई दी.

उस टेस्ट में चौथे दिन भारतीय गेंदबाज़ों ने सात विकेट सिर्फ़ 114 रनों के भीतर गँवा दिए थे.

उससे पहले भारत पहली पारी में 85 रनों पर छह विकेट गँवा चुका था मगर उसके बाद सुरेश रैना और हरभजन सिंह की बेहतरीन पारियों की मदद से वह 246 तक पहुँचने में क़ामयाब रहा.

मगर वेस्टइंडीज़ के कप्तान डैरेन सैमी को भरोसा है कि उनकी टीम अगर थोड़ा और अच्छा प्रदर्शन करे तो वे ये मैच जीत सकते हैं.

वह मानते हैं कि वेस्टइंडीज़ की बल्लेबाज़ी का यूँ बिखर जाना चिंता की बात है. इसको देखते हुए टीम ने मनोवैज्ञानिक डॉक्टर रूडी वेब्स्टर की मदद भी लेने का फ़ैसला किया है.

सैमी ने कहा, "इस शृंखला में हम विपक्षी टीम को दो बार पूरी तरह आउट करने में क़ामयाब रहे इसलिए अब ज़रूरत है कि हम बल्लेबाज़ी और फ़ील्डिंग पर ध्यान दें."

वेस्टइंडीज़ ने पहला टेस्ट हारने वाली टीम में सिर्फ़ एक बदलाव किया है और उप कप्तान ब्रैंडन नैश की जगह मार्लन सैमुअल्स को जगह दी गई है.

माना जा रहा है कि केंसिंगटन ओवल की पिच तेज़ गेंदबाज़ों को मदद दे सकती है. इसे देखते हुए भारतीय टीम भी तीन तेज़ गेंदबाज़ों के साथ उतर सकती है.

जमैका में इशांत शर्मा और प्रवीण कुमार ने अच्छी गेंदबाज़ी की थी और इस टेस्ट में मुनाफ़ पटेल दिख सकते हैं.

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