बारिश ने योजना बिगाड़ी: धोनी

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बारबाडोस में खेला गया भारत और वेस्ट इंडीज़ के बीच दूसरे टेस्ट मैच ड्रॉ हो गया है. भारत ने वेस्ट इंडीज़ के सामने जीत के लिए 281 रनों की चुनौती रखी थी. डैरेन ब्रावो के शानदार 73 रनों के योगदान के बावजूद वेस्ट इंडीज़ सात विकेट पर 202 रन बना पाई, लेकिन मैच बचाने में कामयाब रही.

भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का कहना था, "मैंने सोचा कि यदि निशाना उनकी पहुँच में हो तो वे (वेस्ट इंडीज़) गेंदबाज़ों को पीटने की कोशिश करेंगे और हमें विकेट लेने का मौक़ा मिल जाएगा. लेकिन मेरी योजना बारिश के कारण तबाह हो गई...हमें कुछ विकेट मिले लेकिन ख़राब रोशनी के कारण हमारी पार्टी भी ख़राब हो गई."

वेस्ट इंडीज़ की टीम के कप्तान डैरेन सैमी का कहना था कि उनके दिमाग में जीत का विचार तो मैच शुरु होने के समय से ही था लेकिन उनकी टीम इस नतीजे से भी संतुष्ट है.

भारत इस श्रंखला में 1-0 से आगे है लेकिन सैमी का कहना था कि उनकी टीम के पास डोमिनिका में इसे बराबर करने का अभी एक मौक़ा और है.

लक्ष्मण शतक से चूके

चौथे दिन में खेल ख़त्म होने तक भारत ने तीन विकेट पर 229 रन बना लिए थे और इस तरह से विस्टे इंडीज़ से 240 रनों की बढ़त ले ली थी.

लेकिन विराट कोहली का विकेट 232 रनों पर (जब उनका स्कोर 27 था) और वीवीएस लक्ष्मण का विकेट 247 रनों पर गिर गया.

लक्ष्मण शतक बनाने से चूक गए. उन्होंने एडवर्ड्स की गेंद पर सैमी को कैच थमाने से पहले आठ चोकों की मदद से 87 रन बनाए.

इसके बाद धोनी भी मात्र पाँच रन बनाकर आउट हो गए. रैना 12 रन बनाकर नॉट आउट थे और हरभजन छह रन बनाकर क्रीज़ पर थे जब कप्तान धोनी ने छह विकेट के नुकसान पर 269 रनों के स्कोर पर पारी घोषित कर दी.

भारत के पहली पारी के 201 के जवाब में वेस्ट इंडीज़ की टीम ने पहली पारी में 190 रन बनाए थे, इस तरह विस्ट इंडीज़ के सामने जीत के लिए 281 रनों का लक्ष्य था.

वेस्ट इंडीज़ की शुरुआत अच्छी नहीं

वेस्ट इंडीज़ की शुरुआत अच्छी नहीं रही और सिमन्स के रूप में पहला विकेट 18 रनों पर, सरवन का दूसरा विकेट 27 रनों पर और सलामी बल्लेबाज़ बाराथ का तीसरा विकेट 55 रनों पर गिरा.

लंच के समय वेस्ट इंडीज़ ने 16 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर 51 रन बनाए थे.

ब्रावो ने डट कर पारी खेली और कुछ देर उनका साथ चंद्रपॉल ने दिया. चंद्रपॉल का चौथा विकेट 109 रनों पर गिरा.

ब्रावो का साथ देने आए सेम्युल्स नौ रन बनाकर पेविलियन लौट गए जब टीम का स्कोर था 132 रन.

ब्रावो ने अच्छी पारी खेलते हुए आठ चौके लगाए लेकिन ज़्यादा महत्वपूर्ण यह कि वे विकेट पर टिके रहे.

ड्रिंक्स ब्रेक के समय बारिश ने भारतीय टीम की योजनाओं पर काफ़ी हद तक पानी फेर दिया.

जब मैच दोबारा शुरु हुआ तो ब्रावो 73 रन बनाकर मिथुन की गेंद पर धोनी द्वारा लपके गए और उस समय टीम का स्कोर 201 रन था और उसके छह विकेट गिर चुके थे.

दूसरे छोर पर बौघ टिके हुए थे लेकिन ब्रावो के जाने के बाद सैमी शून्य पर आउट हो गए.

ख़राब रोशनी के कारण मैच पूरा नहीं खेला जा सका और जब मैच ख़त्म हुआ तब बौघ 46 रन बनाकर और रामपॉल शून्य पर नाबाद थे.

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